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पहले महाबोधी एक्सप्रेस और फिर ओएचई से टकराया मवेशी : दस घंटे जहां की तहां खड़ी रहीं 17 से ज्यादा ट्रेनें
Thu, 19 Aug 2021 06:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 19 Aug 2021 06:57 AM IST
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हंगामा करते यात्री
- फोटो : amar ujala
दिल्ली-हावड़ा रूट पर झींझक में बुधवार शाम 5:10 बजे महाबोधी एक्सप्रेस से मवेशी टकराने के बाद छह खंभों के तार टूट गए और एक पोल तिरछा हो गया। कानपुर, औरैया, इटावा से रवाना हुआ स्टाफ रात 12 बजे तक लाइन जोड़ने में लगा रहा। दस घंटों से ज्यादा शताब्दी और गोमती समेत दिल्ली से कानपुर आने वाली 17 ट्रेनें जहां की तहां खड़ीं रहीं। स्लीपर और जनरल बोगी के यात्री गर्मी से बिलबिला उठे। जो ट्रेने छोटे स्टेशनों पर खड़ीं थीं उनके यात्रियों को खाने पीना का सामान मिलता रहा, लेकिन जो आऊटर पर फंसी थीं उनके यात्री भूख से बिलबिला उठे। हादसा झींझक के नासरसेड़ा रेलवे फाटक के पास हुआ। झींझक और अंबियापुर के बीच बिहार संपर्क क्रांति (02566), झींझक में विक्रमशिला एक्सप्रेस (02368), कंचौसी में बीकानेर एक्सप्रेस (05633), फफूंद में गोमती एक्सप्रेस (02420), साम्हो में पारसनाथ एक्सप्रेस (02941) व इटावा स्टेशन पर रिवर्स शताब्दी एक्सप्रेस (02034) खड़ी कर दी गईं।
सात घंटे में परेशान हुए यात्री
- फोटो : amar ujala
दिल्ली से आने वाली सभी राजधानी एक्सप्रेस समेत डेढ़ दर्जन ट्रेनें घंटों लेट रहीं। दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन गोमती एक्सप्रेस फफूंद में खड़ी होने के कारण अधिकतर यात्री सड़क मार्ग से गंतव्य की ओर रवाना हो गए। रात 8:45 बजे महाबोधी एक्सप्रेस में डीजल इंजन लगाकर कानपुर की ओर रवाना किया गया। लेकिन बाकी ट्रेनें फंसी रहीं।
हंगामा करते यात्री
- फोटो : amar ujala
ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
रांची राजधानी, डिब्रूगढ़ राजधानी, सियालदह राजधानी, हावड़ा राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी, पटना राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें प्रभावित रहीं। तमाम परिजन अपने यात्रियों के इंतजार में सेंट्रल स्टेशन पर परेशान होते रहे और परिजनों से उनका हालचाल पूछते रहे। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक एसके गौतम ने बताया कि डाउन लाइन की ओएचई प्रभावित हुई है। इसलिए दिल्ली से आने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कानपुर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।
रांची राजधानी, डिब्रूगढ़ राजधानी, सियालदह राजधानी, हावड़ा राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी, पटना राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें प्रभावित रहीं। तमाम परिजन अपने यात्रियों के इंतजार में सेंट्रल स्टेशन पर परेशान होते रहे और परिजनों से उनका हालचाल पूछते रहे। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक एसके गौतम ने बताया कि डाउन लाइन की ओएचई प्रभावित हुई है। इसलिए दिल्ली से आने वाली ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। कानपुर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।
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घंटों खड़ी रही ट्रेनें
- फोटो : amar ujala
यात्रियों को ग्रामीणों ने पिलाया पानी
हादसे के बाद झींझक स्टेशन से पहले खड़ी हुई महाबोधी एक्सप्रेस व विक्रमशिला एक्सप्रेस में सवार यात्री घंटों भूख-प्यास से परेशान रहे। खमहैला अंडरपास के पास महाबोधी के यात्रियों को गांव के लोगों ने पानी पिलाया। यात्रियों ने गांव की छिटपुट दुकानों से बिस्कुट आदि लेकर भूख शांत की। वहीं झींझक स्टेशन से कुछ दूर पर खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफार्म के आसपास लगी दुकानों पर खाने-पीने का सामान खरीदते नजर आए।
हादसे के बाद झींझक स्टेशन से पहले खड़ी हुई महाबोधी एक्सप्रेस व विक्रमशिला एक्सप्रेस में सवार यात्री घंटों भूख-प्यास से परेशान रहे। खमहैला अंडरपास के पास महाबोधी के यात्रियों को गांव के लोगों ने पानी पिलाया। यात्रियों ने गांव की छिटपुट दुकानों से बिस्कुट आदि लेकर भूख शांत की। वहीं झींझक स्टेशन से कुछ दूर पर खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफार्म के आसपास लगी दुकानों पर खाने-पीने का सामान खरीदते नजर आए।
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भीषण गर्मी ने किया परेशान
- फोटो : amar ujala
बोले यात्री, उमस ने परेशान कर दिया
बिहार संपर्क क्रांति में सवार होकर दिल्ली से घर जा रहे बिहार निवासी यदुनाथ ने कहा कि कई घंटे ट्रेन खड़ी रहने से गर्मी के चलते महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। ट्रेन के पंखे गर्म हवा दे रहे थे। उमस ने परेशान कर दिया। वहीं बनारस निवासी अमित ने बताया कि दिल्ली से वह भी घर जा रहे थे। उन्हें खाने को कुछ मिला ही नहीं।
वेंडरों ने की वसूली
हादसे का फायदा उठाते हुए झींझक स्टेशन पर वेंडरों ने पांच रुपये मेें बिकने वाली चाय व समोसा को 20 रुपये तक में बेचा। मजबूरी मेें यात्री भी जेब ढीली करने को मजबूर रहे।
बिहार संपर्क क्रांति में सवार होकर दिल्ली से घर जा रहे बिहार निवासी यदुनाथ ने कहा कि कई घंटे ट्रेन खड़ी रहने से गर्मी के चलते महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। ट्रेन के पंखे गर्म हवा दे रहे थे। उमस ने परेशान कर दिया। वहीं बनारस निवासी अमित ने बताया कि दिल्ली से वह भी घर जा रहे थे। उन्हें खाने को कुछ मिला ही नहीं।
वेंडरों ने की वसूली
हादसे का फायदा उठाते हुए झींझक स्टेशन पर वेंडरों ने पांच रुपये मेें बिकने वाली चाय व समोसा को 20 रुपये तक में बेचा। मजबूरी मेें यात्री भी जेब ढीली करने को मजबूर रहे।