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मानवता शर्मसार: कन्नौज में स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस ने घसीटा लावारिस शव, वीडियो वायरल

Wed, 18 Aug 2021 12:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 18 Aug 2021 12:29 PM IST
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Humanity ashamed in Kannauj: Health workers and police dragged unclaimed bodie
राजकीय मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी से लावारिस शव घसीटते स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
मानवता को शर्मसार कर देने वाला वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ है। राजकीय मेडिकल कालेज की मोर्चरी से लावारिस शव को निकालते समय मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार कर दिया गया। काले कपड़े वाले बैग में रखे शव को स्वास्थ्य व पुलिसकर्मियों ने घसीटते हुए रेलिंग से नीचे उतारा। यह शव को घसीटकर टेंपो तक ले गए। दो या तीन लोग ही शव को उठाने के लिए पर्याप्त होते हैं। यहां चार लोग होने के बाद भी ऐसी बेकद्री को किसी ने वीडियो में शूट कर वायरल कर दिया। प्रशासन की किरकिरी होते ही एडीएम ने जांच बैठा दी। दो दिन में दोषी के खिलाफ रिपोर्ट तलब की है। जिला अस्पताल से गुरुवार को अज्ञात (50) अधेड़ को हालत गंभीर होने पर राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा रेफर किया गया था। अधेड़ को सांस फूलने की दिक्कत थी। रविवार को इलाज के दौरान मेडिकल कालेज में मौत हो गई। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया।
Humanity ashamed in Kannauj: Health workers and police dragged unclaimed bodie
मोर्चरी से लावारिस शव घसीटते स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह मोर्चरी से अधेड़ के शव को घसीटते हुए पुलिसकर्मी व स्वास्थ्यकर्मी टेंपो तक ले गए। इसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह का कहना है कि राजकीय मेडिकल कालेज में पर्याप्त स्ट्रेचर हैं।
Humanity ashamed in Kannauj: Health workers and police dragged unclaimed bodie
मोर्चरी के बाहर खड़े स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
इमरजेंसी में सात और मोर्चरी में पांच हैं। किन हालात में शव को घसीटते हुए ले जाया गया, यह जांच का विषय है। वहीं एसपी प्रशांत वर्मा का कहना है कि गाइडलाइन के अनुुसार अगर कोई लावारिस शव मिलता है तो पंचनामा भरने व पोस्टमार्टम कराने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है।
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मोर्चरी से लावारिस शव घसीटते स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
72 घंटों में शव की शिनाख्त नहीं हो पाती है तो पुलिस अंतिम संस्कार कराती है। अगर कोई लावारिस शव अस्पताल से मिलता है तो अस्पताल प्रबंधन को स्ट्रेचर उपलब्ध कराना चाहिए। इसी के सहारे पुलिसकर्मी वाहन से शव को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाते और बाद में अंतिम संस्कार कराते हैं। इस मामले में कहां दिक्कत हुई, यह जांच में सामने आ सकेगा। 
 
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मोर्चरी के बाहर रखा शव - फोटो : अमर उजाला
बैठाई जांच, दो दिन में रिपोर्ट तलब
एडीएम गजेंद्र कुमार ने बताया कि मेडिकल कालेज मेंशव घसीटने का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो आठ सेकंड का है। तीन सादे कपड़ों में और एक पुलिस वर्दी वाला है। इस लापरवाही की जांच के लिए सीओ तिर्वा दीपक दुबे व मेडिकल कालेज के सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह की संयुक्त कमेटी बनाई है। इन्हें दो दिन में हालात का परीक्षण कर दोषी के खिलाफ संस्तुति सहित रिपोर्ट देनी है। 
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