चाट खिलाने- घुमाने नहीं ले जाता पति तो कर दिया मुकदमा, एक आरोप इस तरह सोने का भी
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कर्नलगंज में रहने वाली युवती ने अपने पति के खिलाफ पारिवारिक कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। समझौता कराने के लिए यह केस प्रोबेशन दफ्तर भेजा गया है। काउंसलिंग के दौरान युवती की शिकायतें चौंकाने वाली रहीं।
युवती ने कहा कि पति कभी चाट खिलाने, घुमाने और पिक्चर दिखाने नहीं ले जाते। कहने पर काम का बहाना बनाते हैं। छुट्टी वाले दिन घर पर सोते हैं। पति ने काउंसिलिंग में कहा कि वह प्राइवेट काम करता है। छह दिन बहुत मेहनत करनी होती है। सातवें दिन वह आराम करना चाहता है।
रागिनी पांडेय, प्रोबेशन अधिकारी
घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत पीड़िता को क्षतिपूर्ति मिलती है। किसी तरह की कोई सजा का प्रावधान नहीं है। सेक्शन 20 में चिकित्सा, खर्च दिलाने, बच्चों की फीस दिलाने और अन्य प्रकार के मुआवजे का प्रावधान है। सेक्शन 22 में मानसिक और भावनात्मक संकट पर प्रतिकर दिलाया जाता है।