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"वो बहुत शांत स्वभाव का था, बिल्कुल गऊ" फिर भी वो लोग आए, जीप में डाला और ले गए
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:07 PM IST
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जैन कैंपस से ले गए इसी कुत्ते को
- फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी कानपुर में बीटेक छात्र प्रतीक जैन कैंपस में हास्टल नंबर- चार बी के कमरा नंबर 102 में रहता है। उसने थाना कल्याणपुर को दी तहरीर में लिखा है कि एक बूढ़ा कुत्ता हस्की दस साल से आईआईटी कैंपस में रहता था। वह न तो किसी पर भौंकता था और न काटता था।
इसी कुत्ते को उठा ले गए
- फोटो : अमर उजाला
वो बहुत शांत स्वभाव का था, बिल्कुल गऊ (गाय) जैसा सीधा-साधा था। दस साल से आईआईटी में रह रहा था। किसी को परेशान नहीं करता था। उसको उठाकर ले जाने की कोई वजह नहीं थी। फिर भी वो लोग आए और उसे जाल में फंसाकर घसीट कर जीप में डाला और ले गए। मुझे बहुत दुख हुआ। यह भावनात्मक बात आईआईटी कैंपस से एक कुत्ते को उठा ले जाने पर आईआईटी के एक छात्र ने पुलिस से कही। यही लिखकर तहरीर भी दी और पुलिस ने आईआईटी के सिक्योरिटी गार्डों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जैन कैंपस से ले गए इसी कुत्ते को
शुक्रवार सुबह 11:45 बजे एसआईएस सिक्योरिटी एजेंसी की जीप से चार लोग आए। एक व्यक्ति ने खाकी यूनिफार्म पहन रखी थी। एक ड्राइवर व दो अन्य लोग थे। ये लोग जाल लिए थे। जीप हास्टल के सामने आकर रुकी। दो लोगों ने बूढ़े कुत्ते पर जाल डाल कर उसे पकड़ लिया। फिर उसे जमीन पर घसीटते हुए गाड़ी में फेंक दिया। इसके बाद जीप से कुत्ते को लेकर चले गए। इससे पशुओं की प्रति उसकी भावना को ठेस पहुंची है। उसे बहुत दुख हुआ। एसआईएस से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस कुत्ते को जल्द से जल्द आईआईटी कैंपस में वापस लाया जाए। कल्याणपुर थाना प्रभारी समीर सिंह ने बताया कि आईआईटी छात्र की रिपोर्ट दर्ज कर कुत्ते का पता लगाया जा रहा है।
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आईआईटी कानपुर
आईआईटी छात्र ने कुत्ते को निर्दयता पूर्वक पकड़ने पर थाना-चौकी किया। मशक्कत करके एफआईआर दर्ज कराई, पुलिस ने एक दरोगा को विवेचना भी दे दी। लेकिन इतनी कवायद का अंजाम निराश करने वाला है। इस अपराध में मात्र 10 से 50 रुपये तक ही जुर्माना है। कल्याणपुर पुलिस ने यह मामला पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11 में दर्ज किया है। इस धारा में किसी पशु को पीटने, लात से मारने, दौड़ाने, चोट पहुंचाने, ज्यादा वजन लादने समेत पशुओं के प्रति क्रूरता पर सजा का प्रावधान है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि इस धारा में पहली बार अपराध में सिर्फ 10 से 50 रुपये तक का जुर्माना है। तीन साल के अंदर दोबारा ऐसा अपराध करने पर 25 से 100 रुपये तक जुर्माना या तीन माह तक कैद या दोनों की सजा का प्रावधान है।