{"_id":"5c49a57dbdec22736153fb24","slug":"ca-result-2019-kanpur-news","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कानपुर में 17 फीसदी रहा सीए फाइनल का रिजल्ट, जानें होनहारों की सफलता की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर में 17 फीसदी रहा सीए फाइनल का रिजल्ट, जानें होनहारों की सफलता की कहानी
Thu, 24 Jan 2019 05:21 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 24 Jan 2019 05:21 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया की ओर से नवंबर माह में हुई सीए फाइनल परीक्षा और दिसंबर माह में हुए कॉमन प्रॉफिशिएंसी टेस्ट (सीपीटी) का परिणाम बुधवार को जारी कर दिया गया। फाइनल परीक्षा में नए और पुराने सिलेबस को मिलाकर कानपुर शहर के 18 स्टूडेंट चार्टर्ड एकाउंटेंट बन गए हैं। दोनों ग्रुपों की परीक्षा में शहर से 97 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परिणाम 17.46 फीसदी रहा है।
डेमो पिक
इसमें सात ने सफलता हासिल की। ग्रुप-2 की परीक्षा में 22 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से सिर्फ चार ने सफलता पाई। इस बार का रिजल्ट भी वर्ष 2018 जैसा ही है। पिछले साल दोनों ग्रुप पास करके 124 में से 20 स्टूडेंट सीए बने थे। इस बार 97 में 18 स्टूडेंट सीए बने हैं। हालांकि इस बार परीक्षा में बैठने वालों की संख्या कम है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन कोर्स में शुमार चार्टर्ड एकाउंटेंसी की पढ़ाई की खासियत ये है कि इसका संस्थान देश की जरूरत के हिसाब से प्रोफेशन तैयार करता है ताकि कोई बेरोजगार न रहे।
डेमो पिक
देश भर की स्थिति ये रही
परीक्षा कुल परीक्षार्थी सफल रहे प्रतिशत
सीए सीपीटी 25037 9038 36.10
सीए फाउंडेशन 48702 21488 44.12
सीए फाइनल
(पुराना सिलेबस) 22514 9466 42
ग्रुप-1 33633 9934 30.44
ग्रुप-2 35655 8348 23.41
सीए फाइनल
(नया सिलेबस) 4075 1405 34.48
ग्रुप-1 6181 884 14.30
ग्रुप-2 3307 894 27.30
परीक्षा कुल परीक्षार्थी सफल रहे प्रतिशत
सीए सीपीटी 25037 9038 36.10
सीए फाउंडेशन 48702 21488 44.12
सीए फाइनल
(पुराना सिलेबस) 22514 9466 42
ग्रुप-1 33633 9934 30.44
ग्रुप-2 35655 8348 23.41
सीए फाइनल
(नया सिलेबस) 4075 1405 34.48
ग्रुप-1 6181 884 14.30
ग्रुप-2 3307 894 27.30
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमो पिक
गरिमा आहूजा- 422/800
शास्त्री नगर सिंधी कॉलोनी निवासी विश्वनाथ आहूजा की बड़ी बेटी गरिमा अहूजा ने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल की परीक्षा पास की है। घर की पहली सीए हैं। मोदी कॉलेज, सीकर राजस्थान से बीकॉम ऑनर्स करने के बाद सीए की पढ़ाई की शुरू की। गरिमा मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करके खुद को कॉरपोरेट दुनिया में स्थापित करना चाहती हैं।
सृष्टि चतुर्वेदी 248/400
बिरहाना रोड निवासी धर्मेंद्र चतुर्वेदी की बेटी सृष्टि चतुर्वेदी ने भी पहले ही प्रयास में सीए फाइनल की परीक्षा पास की है। इन्होंने दोनों ग्रुपों की परीक्षा अलग-अलग दी थी। सृष्टि भी घर की पहली सीए हैं और भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं। सृष्टि का कहना है कि कॅरियर की शुरुआत वे किसी अच्छी कंपनी में जॉब करके करना चाहती हैं। इसके बाद वे प्रैक्टिस करेंगी।
शास्त्री नगर सिंधी कॉलोनी निवासी विश्वनाथ आहूजा की बड़ी बेटी गरिमा अहूजा ने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल की परीक्षा पास की है। घर की पहली सीए हैं। मोदी कॉलेज, सीकर राजस्थान से बीकॉम ऑनर्स करने के बाद सीए की पढ़ाई की शुरू की। गरिमा मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करके खुद को कॉरपोरेट दुनिया में स्थापित करना चाहती हैं।
सृष्टि चतुर्वेदी 248/400
बिरहाना रोड निवासी धर्मेंद्र चतुर्वेदी की बेटी सृष्टि चतुर्वेदी ने भी पहले ही प्रयास में सीए फाइनल की परीक्षा पास की है। इन्होंने दोनों ग्रुपों की परीक्षा अलग-अलग दी थी। सृष्टि भी घर की पहली सीए हैं और भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं। सृष्टि का कहना है कि कॅरियर की शुरुआत वे किसी अच्छी कंपनी में जॉब करके करना चाहती हैं। इसके बाद वे प्रैक्टिस करेंगी।
विज्ञापन
डेमो पिक
मैत्री गुप्ता- 417/800
हालसी रोड निवासी मैत्री गुप्ता स्वर्गीय पंकज गुप्ता की बड़ी बेटी हैं। इन्होंने पहले ही प्रयास में दोनों ग्रुप में सफलता हासिल की है। मैत्री फिलहाल आरएसपीएल कंपनी में जॉब कर रही हैं। मैत्री का कहना है कि जॉब करके पहले वे खुद में कॉरपोरेट दुनिया की समझ पैदा करेंगी। इसके बाद खुद का बिजनेस स्थापित करेंगी। मैत्री शहर में अत्याधुनिक रेस्त्रां खोलना चाहती हैं।
पुष्कर विश्नोई- 403/800
पुष्कर जनरलगंज निवासी विज्ञापन एजेंसी संचालक ज्ञानेंद्र कुमार विश्नोई के सबसे छोटे बेटे हैं। इन्होंने सभी ग्रुप पहले ही प्रयास में पास किए हैं। पुष्कर बताते हैं कि वे शहर में ही रहकर खुद की प्रैक्टिस करना चाहते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद इस फील्ड में प्रैक्टिस करने की अपार संभावनाएं बनी हैं।
हालसी रोड निवासी मैत्री गुप्ता स्वर्गीय पंकज गुप्ता की बड़ी बेटी हैं। इन्होंने पहले ही प्रयास में दोनों ग्रुप में सफलता हासिल की है। मैत्री फिलहाल आरएसपीएल कंपनी में जॉब कर रही हैं। मैत्री का कहना है कि जॉब करके पहले वे खुद में कॉरपोरेट दुनिया की समझ पैदा करेंगी। इसके बाद खुद का बिजनेस स्थापित करेंगी। मैत्री शहर में अत्याधुनिक रेस्त्रां खोलना चाहती हैं।
पुष्कर विश्नोई- 403/800
पुष्कर जनरलगंज निवासी विज्ञापन एजेंसी संचालक ज्ञानेंद्र कुमार विश्नोई के सबसे छोटे बेटे हैं। इन्होंने सभी ग्रुप पहले ही प्रयास में पास किए हैं। पुष्कर बताते हैं कि वे शहर में ही रहकर खुद की प्रैक्टिस करना चाहते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद इस फील्ड में प्रैक्टिस करने की अपार संभावनाएं बनी हैं।