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बस हादसा: आग लगने के बाद आ रही थी बचाओ बचाओ की आवाज, प्रशासन मौत का आंकड़ा दस तो यात्री बता रहे 40

Sun, 12 Jan 2020 04:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 12 Jan 2020 04:49 AM IST
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Bus Accident: After the fire, the voice of Bachao Bachao was coming from bus
kannauj road accident - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज के घिलोई गांव के सामने जीटी रोड पर ट्रक व बस में भिड़ंत के बाद मृतकों की संख्या को लेकर अभी तक असमंजस है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक हादसे में मरने वालों की संख्या दस तो बस में मौजूद यात्रियों के अनुसार यह आंकड़ा चालीस से कम नहीं है। शुक्रवार को ट्रक लेकर अपने गांव लतीफपुर थाना कुरावली जनपद मैनपुरी निवासी अजय सिंह उर्फ रिंकू (28) पुत्र पूरन सिंह छत्तीसगढ़ जा रहे थे। ट्रक में परचून का सामान लदा था।


 
Bus Accident: After the fire, the voice of Bachao Bachao was coming from bus
kannauj road accident - फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद रिंकू ट्रक में ही जिंदा जल गया। इसके अलावा ट्रक में दूसरा कोई व्यक्ति नहीं मिला। अजय के मामा हरिनंदन यादव ने बताया कि वह दिल्ली से छत्तीसगढ़ के लिए ट्रक चलाता है। परिवार में पत्नी के अलावा तीन साल का बेटा है। पुलिस प्रशासन के अनुसार हादसे में मरने वालों की संख्या दस है। बस में मौजूद यात्रियों के अनुसार बस में 80 से अधिक सवारियां मौजूद थीं।

 
Bus Accident: After the fire, the voice of Bachao Bachao was coming from bus
बस में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
काफी प्रयास के बाद भी आधी सवारियां बस से नीचे नहीं उतर पाईं। ऐसे में मरने वालों का आंकड़ा चालीस के आसपास हो सकता है। जीटी रोड पर घिलोई गांव के सामने हुए हादसे को याद कर यात्रियों व ग्रामीणों के जेहन में सिहरन दौड़ जाती है। हादसे का जिक्र आते ही यात्रियों की आंखें आंसुओं से भीग जाती हैं। सौ शय्या अस्पताल में उपचार करा रहे यात्रियों ने बताया कि ट्रक से टक्कर के बाद बस में आग लग गई।

 
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Bus Accident: After the fire, the voice of Bachao Bachao was coming from bus
बस में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हर तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। यात्रियों ने बसों के शीशों को तोड़ने का प्रयास किया। वह सफल नहीं हो सके। बस में एक के बाद एक धमाकों से खतरा और भी बढ़ गया। कुछ ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए ईंटों से बस के शीशे तोड़ दिए। खुद की जिंदगी को खतरे में डालकर यात्रियों को बचाने का काम शुरू किया। कुछ यात्रियों को शीशे तोड़ने के लिए कुछ नहीं मिला, तो उन्होंने जूते से शीशे तोड़े।

 
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Bus Accident: After the fire, the voice of Bachao Bachao was coming from bus
आग बुझाते दमकल कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों की आंखों में शुक्रवार रात का मंजर अभी भी ताजा है। यात्री हादसे के बाद से अभी तक खौफजदा हैं। ग्रामीणों के साहस से ही 25 जिंदगियां बच सकीं। शनिवार दोपहर को डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर जगदीश मिश्रा सौ शय्या अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों से उनकी हालत के बारे में जानकारी ली। घटना स्थल के ठीक सामने रहने वाले अनुज शाक्य ने बताया कि स्लीपर बस बेवर की तरफ जा रही थी।

 
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