फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सियासत में माहिर 'पाठक': संसद के उच्च सदन से लेकर विधानसभा तक, पढ़ें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का सियासी सफर

Sat, 26 Mar 2022 03:38 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 26 Mar 2022 03:38 PM IST
विज्ञापन
Brajesh Pathak became Deputy CM in Yogi cabinet
Brajesh Pathak - फोटो : अमर उजाला

हरदोई जिले के मूल निवासी एवं लखनऊ जिले से भाजपा विधायक ब्रजेश पाठक का कद योगी सरकार 2.0 में बढ़ गया है। पिछली सरकार में वह कानून मंत्री थे। इस बार उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया है। ब्राह्मण समाज में उनकी पकड़ काफी अच्छी है। यह वजह है कि उनको ब्राह्मणों का चेहरा माना जाता है। पाठक पहली बार अपने गृह जनपद से 2002 में विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे।



हालांकि बेहद मामूली अंतर से चुनाव हार गये थे। इसके बाद वह बसपा के टिकट पर उन्नाव जिले से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। लोकसभा के साथ ही वह राज्यसभा सांसद भी रहे। सियासी हवा भांपते हुए बाद में वह भाजपा में शामिल हो गये थे। 2017 में लखनऊ से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

Brajesh Pathak became Deputy CM in Yogi cabinet
Brajesh Pathak - फोटो : @brajeshpathakup

इसके साथ ही योगी सरकार के पहले कार्यकाल में कानून मंत्री रहे। आज उनके डिप्टी सीएम बनने पर लखनऊ के साथ ही उन्नाव और हरदोई जिले में हर्ष की लहर है। उनके भाई राजेश पाठक जिले की राजनीति में सक्रिय हैं। घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।


 

Brajesh Pathak became Deputy CM in Yogi cabinet
भाजपा विधायक रजनी तिवारी - फोटो : अमर उजाला

शाहाबाद से भाजपा विधायक रजनी तिवारी लगातार चौथी बार विधायक हैं। उन्हें राज्यमंत्री बनाये जाने से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। रजनी तिवारी पहली बार बसपा की टिकट पर 2007 के उपचुनाव में चुनी गई थीं। उनके पति उपेन्द्र तिवारी के निधन से रिक्त हुई सीट पर बिलग्राम सीट से वह पहली बार उपचुनाव में चुनी गई थीं। 2012 के चुनाव में बसपा से वह सवायजपुर सीट से चुनी गईं तो 2017 का चुनाव उन्होंने भाजपा से शाहाबाद सीट से लड़कर जीत हासिल की। इस बार वह इस सीट से चुनाव जीत कर अब राज्यमंत्री बन गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Brajesh Pathak became Deputy CM in Yogi cabinet
विधानसभा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल - फोटो : amar ujala

उधर, हरदोई सदर से भाजपा विधायक नितिन अग्रवाल पहली बार 2008 के उपचुनाव में सदर से विधायक चुने गये थे। उनके पिता नरेश अग्रवाल ने इस्तीफा देकर उनके लिए सीट खाली की थी। सियासत में एंट्री के साथ विजय हासिल करने वाले नितिन अग्रवाल लगातार चौथी बार सदर से विधायक हैं। वह प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं। विधानसभा उपाध्यक्ष रह चुके नितिन अग्रवाल इस बार भाजपा की टिकट पर चुने गये हैं। उन्हें मंत्री बनाये जाने की खबर से लोगेां में हर्ष की लहर है।

विज्ञापन
Brajesh Pathak became Deputy CM in Yogi cabinet
नरेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

जब सियासी बवंडर के बीच अचानक नरेश अग्रवाल बने थे डिप्टी सीएम !
कांग्रेस तोड़कर लोकतांत्रिक कांग्रेस बनाकर भाजपा से गठबंधन कर ऊर्जामंत्री बने तत्कालीन लोकां अध्यक्ष नरेश अग्रवाल उस समय अचानक सियासी बवंडर में डिप्टी सीएम बन गये थे। कुछ घंटों बाद ही नरेश अग्रवाल ने कल्याण सिंह के साथ वापसी कर ली थी। उस समय हुए अचानक सियासी बवंडर में लोकां के ही नेता जगदंबिका पाल ने अचानक पाला बदलते हुए भाजपा से अलग रातों रात मुख्यमंत्री की शपथ ली तो मौके की नजाकत को देखते हुए नरेश अग्रवाल ने भी उनके साथ डिप्टी सीएम की शपथ ले ली। तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी के कार्यकाल में हुए इस बड़े सियासी घटनाक्रम को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी एवं भाजपा नेताओं ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कल्याण सरकार को बचाने के लिए न्यायालय की शरण ली थी। इस घटनाक्रम में सियासी भूचाल ला दिया था। पुन: बहुमत साबित करने को लेकर हुई परेड में नरेश अग्रवाल ने कल्याण सिंह में विश्वास जताया था। इस तरह से कुछ घंटे के चर्चा वाले डिप्टी सीएम रहे नरेश अग्रवाल और इस सियासी घटनाक्रम को सिर्फ सियासी चर्चा माना जाता है, क्योंकि पूरे मसले को असंवैधानिक माना गया था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed