{"_id":"5be28d8fbdec2269c0437943","slug":"birds-can-die-by-the-noise-of-crackers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पटाखों के शोर से मर सकते हैं पक्षी, पागलपन का भी खतरा, सदमे से हो सकता गर्भपात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटाखों के शोर से मर सकते हैं पक्षी, पागलपन का भी खतरा, सदमे से हो सकता गर्भपात
Thu, 08 Nov 2018 10:52 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 08 Nov 2018 10:52 AM IST
सार
- पागलपन का भी खतरा, सदमे से गर्भपात भी हो सकता है
- कम आवाज वाले पटाखे छुड़ाने की अपील
विज्ञापन
1 of 5
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आतिशबाजी करते समय खुद का और आसपास रहने वाले पशु पक्षियों का जरूर ध्यान दें। तेज आवाज वाले पटाखों से पक्षियों की मौत भी हो सकती है। तेज आवाज वाले पटाखों से जानवरों को सदमा लगता है। गर्भवती पशुओं का गर्भपात भी हो सकता है।
2 of 5
डेमो पिक
कानपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इंसान को मालूम होता है कि पटाखा दगने वाला है, इससे या तो वह कान बंद कर लेता है या उनकी मानसिक रूप से तैयार हो जाता है। जबकि पशु पक्षियों को इसका अंदाजा नहीं होता है और अचानक होने वाली तेज आवाज से उन्हें सदमा लगता है। इससे उनकी मौत भी हो सकती है। यही कारण है कि पालतू जानवर पटाखों की आवाज से दुबके रहते हैं। बेचैनी की वजह से खाना-पीना भी छोड़ देते हैं।
3 of 5
डेमो पिक
पार्कों और पेड़ों के पास न जलाएं पटाखे
गौरैया बचाओ अभियान के संयोजक गौरव बाजपेई ने कहा कि दिवाली बड़ा त्योहार है, इसमें खुशियां जरूर मनाएं। बस तेज आवाज वाले पटाखों से दूरी बनाकर रखें। पार्कों और पेड़ों के आसपास तो पटाखे कतई न जलाएं, क्योंकि यहां पक्षियों के होने की ज्यादा संभावना होती है। सिर्फ रोशनी वाले और कम आवाज वाले पटाखे जलाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
डेमो पिक
दिवाली ऐसी मनाएं कि किसी को तकलीफ न हो
गो-गौरैया संरक्षण समिति के अध्यक्ष मनीष पांडेय ने बताया कि दिवाली पर पटाखे जलाना खुशियों का प्रतीक है। हालांकि अब मौजूदा समय में वायु प्रदूषण बढ़ा है। इससे लोगों को परेशानियां हो रही हैं। इसलिए खुशियों के त्योहार को इस तरह से मनाएं कि सभी खुश हों। किसी को तकलीफ न हो। कम आवाज वाले और कम प्रदूषण वाले पटाखे जलाएं। गाय और गौरैया ही नहीं बल्कि हर जानवर और इंसान को तेज आवाज के पटाखों से परेशानियां होती हैं।
विज्ञापन
5 of 5
डेमो पिक
पटाखे जानवरों के सबसे बड़े दुश्मन
पीपुल फॉर एनिमल की अध्यक्ष अर्चना त्रिपाठी कहती हैं पटाखे जानवरों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। पटाखों के शोर से जानवर इधर-उधर भागते हैं। इसमें खुद भी घायल होते हैं और दूसरों को भी घायल कर देते हैं। चिड़ियों का दिल बहुत कमजोर होता है। धुएं से भी जानवर परेशान होते हैं। इसके अलावा कई बार तो कूड़े में पड़े पटाखों को जानवर खा जाते हैं। इनके फटने से घायल भी हो जाते हैं। इसलिए दिवाली ऐसी मनाएं कि किसी को तकलीफ न हो।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।