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बिकरू कांड: विकास दुबे जब पुलिस वालों को मार रहा था तो मनु, खुशी और रेखा कर रहीं थी ये घिनौना काम
Tue, 06 Oct 2020 04:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 06 Oct 2020 04:37 PM IST
विकास दुबे: चार्जशीट में पुलिस का दावा, बदमाशों का साथ देने के मिले साक्ष्य
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में मनु पांडेय उर्फ वर्षा ने बदमाशों का सहयोग किया था। पुलिस को इसके पुख्ता साक्ष्य मिले हैं पर इनकी पुष्टि बाकी है। मनु का आरोपी बनना लगभग तय हो गया है। हालांकि पुलिस ने चार्जशीट में जिस तरह के तथ्य मनु के बारे में दर्ज किए हैं, उससे एक बात तो साफ हो गई कि पुलिस ने दोहरा खेल खेला है।
विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
न सीधा आरोपी बनाया है और न ही उसे क्लीन चिट दी। जो तथ्य दिए हैं, उससे क्लीन चिट देना भी संभव नहीं है। बिकरू निवासी मनु के घर पर ही डीएसपी देवेंद्र मिश्र को मारा गया था। घर की चौखट पर तीन अन्य पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी। वारदात के बाद मनु के फोन कॉल रिकॉर्डिंग के कई आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
जिससे पर्दाफाश हुआ था कि मनु भी साजिश में शामिल है। मगर पुलिस ने उसको आरोपी नहीं बनाया। पुलिस की चार्जशीट में लिखा है कि मनु के खिलाफ जो साक्ष्य मिले हैं, उससे साबित हो रहा है कि उसने घटना में साथ दिया। विवेचना जारी है। साक्ष्यों की पुष्टि की जा रही है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
आखिर अब तक क्या कर रही थी पुलिस
वारदात को तीन महीने बीत गए हैं। इसके बावजूद पुलिस का कहना है कि मनु के खिलाफ साक्ष्य तो हैं लेकिन उसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। इस पर पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। तीन महीने के दौरान आखिर पुलिस साक्ष्यों की पुष्टि क्यों नहीं कर सकी। ये भी सवाल है कि कहीं पुलिस मनु को बचा तो नहीं रही है।
वारदात को तीन महीने बीत गए हैं। इसके बावजूद पुलिस का कहना है कि मनु के खिलाफ साक्ष्य तो हैं लेकिन उसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। इस पर पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। तीन महीने के दौरान आखिर पुलिस साक्ष्यों की पुष्टि क्यों नहीं कर सकी। ये भी सवाल है कि कहीं पुलिस मनु को बचा तो नहीं रही है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
बचाने के बजाए महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को मरवाया
पुलिस ने मामले में चार महिलाओं को जेल भेजा है। चार्जशीट में पुलिस ने लिखा है कि जब पुलिसकर्मी जान बचाने को इधर-उधर भाग रहे थे और घरों में जाकर छिप गए थे तो इन महिलाओं ने फोन के माध्यम से बदमाशों को सूचना दी। सूचना पाकर बदमाश वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला।
पुलिस ने मामले में चार महिलाओं को जेल भेजा है। चार्जशीट में पुलिस ने लिखा है कि जब पुलिसकर्मी जान बचाने को इधर-उधर भाग रहे थे और घरों में जाकर छिप गए थे तो इन महिलाओं ने फोन के माध्यम से बदमाशों को सूचना दी। सूचना पाकर बदमाश वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला।