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अपनों के इंतजार में पथराईं आंखें: लापरवाही की बाढ़ में बह गईं उम्मीदें, मंत्रियों के सामने भी फूट पड़ा गुस्सा

Sat, 13 Aug 2022 10:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 13 Aug 2022 10:26 AM IST
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Banda boat capsize going from Fatehpur to Marka village capsized in Yamuna on Aug 11
banda boat accident - फोटो : अमर उजाला
बांदा और फतेहपुर के अफसरों की लापरवाही की बाढ़ में लोगों की जिंदगियां और उनके अपनों की उम्मीदें यमुना की तेज धारा में बह गईं। बांदा के मर्का कस्बे में यमुना नदी में जिस स्थान पर गुरुवार को नाव पलटने से 32 लोग लापता हुए थे, वहां लोगों का हुजूम अपनों के इंतजार में बैठा है। लोग टकटकी लगाए नदी की तरफ निहार रहे हैं कि कहीं से कोई सूचना आए। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, लोगों की पथराई आंखों में आक्रोश पनपता जा रहा है। शुक्रवार रात 10 बजे तक घटना के 30 घंटे बाद भी 32 लापता लोगों में से किसी का कुछ पता नहीं चला। बांदा के मर्का से फतेहपुर के असोथर गांव की तरफ जा रही नाव गुरुवार को दोपहर तीन बजे यमुना में पलट गई थी। इसमें 50 लोग सवार थे। किसी तरह 15 लोग तैरकर निकल आए थे। एक मासूम सहित तीन लोगों के शव मिल चुके हैं। 
Banda boat capsize going from Fatehpur to Marka village capsized in Yamuna on Aug 11
Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
बांदा और फतेहपुर के रहने वाले लापता लोगों की जानकारी के लिए गुरुवार शाम से ही लोग घाट किनारे आना शुरू हो गए थे। शुक्रवार को भी पूरा दिन नदी किनारे डटे रहे। सुबह करीब आठ बजे तीन-तीन टीमों में बंटकर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मोटर बोट से नदी में ढूंढने निकलीं। 

 
Banda boat capsize going from Fatehpur to Marka village capsized in Yamuna on Aug 11
Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
करीब 12 बजे टीमें खाली हाथ लौट आईं। यह देख वहां इकट्ठा परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। लापता लोगों की खोज में प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि न तो पहले दिन घटना होते ही समय पर जाल डलवाया गया और न अब ठीक से काम हो रहा है। 
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Banda boat capsize going from Fatehpur to Marka village capsized in Yamuna on Aug 11
Banda Boat Accident - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह आठ बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने तलाश शुरू की। इतने तेज बहाव में अब खोजने के लिए क्या बचेगा? लोगों के हंगामे पर कई थानों का पुलिस फोर्स पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने। 
 
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Banda boat capsize going from Fatehpur to Marka village capsized in Yamuna on Aug 11
मंत्रियों के सामने भी फूट पड़ा गुस्सा - फोटो : अमर उजाला
मंत्रियों के सामने भी फूट पड़ा गुस्सा
कुछ देर बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद भी पहुंच गए। उन्हें देखते ही परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। दोनों मंत्रियों ने उन्हें समझाया। इस पर परिजनों ने अफसरों की लापरवाही गिनाई। मंत्रियों ने अफसरों को फटकार लगाई और मुख्यमंत्री की घोषणा के बारे में जानकारी दी। 
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