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कालिंदी एक्सप्रेस में मिली आतंक की डायरी, जांच एजेंसियाें के होश उड़े, 8 महीने से रच रहे थे सजिश
Fri, 22 Feb 2019 04:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Feb 2019 04:44 PM IST
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कालिंदी एक्सप्रेस में हुए धमाके के बाद बोगी में एक प्लास्टिक के बैग से जैश-ए-मोहम्मद एजेंट के नाम से खत मिला था। वहीं पास में एक डायरी भी थी। डायरी में गिन्ना, फिर रंजीत गिहार और तीसरा नाम अमर सिंह का लिखा हुआ है। इन तीनों का पता शिवराजपुर के मक्कड़पुरवा गांव दर्ज है। वहीं एक बेकनगंज कानपुर निवासी टाइगर का नाम है। पुलिस ने बुधवार रात मक्कड़पुरवा से गिन्ना, रंजीत गिहार और अमर सिंह को उठा लिया। इनसे पुलिस और एटीएस जांच करेगी।
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ये हैं जम्मू-कश्मीर के युवक
डायरी में अशरफ, फिराेज का नाम है। इन दोनों के पते में कश्मीर संभाग के पुलवामा दर्ज है। वहीं दो अन्य अकरम व सुलेमान के नाम के आगे जम्मू संभाग का राजाैरी लिखा है। इन नामों के सामने आने पर जांच एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। क्योंकि हाल में ही पुलवामा में बड़ा आत्मघाती हमला हो चुका है।
डायरी में अशरफ, फिराेज का नाम है। इन दोनों के पते में कश्मीर संभाग के पुलवामा दर्ज है। वहीं दो अन्य अकरम व सुलेमान के नाम के आगे जम्मू संभाग का राजाैरी लिखा है। इन नामों के सामने आने पर जांच एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। क्योंकि हाल में ही पुलवामा में बड़ा आत्मघाती हमला हो चुका है।
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हर 15 दिनों पर हो रही थी मीटिंग
इन सभी आठों लोगों के बीच छह बार मीटिंग होने की बात भी डायरी में लिखी हुई है। ये मीटिंग हर 15 दिनों में हुई है। एक मीटिंग की तारीख एक अगस्त 2018 दर्ज है। दूसरी मीटिंग 16 अगस्त 2018 को, तीसरी एक सितंबर 2018 को, 16 सितंबर 2018 को और पांचवीं मीटिंग एक अक्तूबर 2016 को हुई। वहीं आखिरी बैठक दो महीने बाद एक दिसंबर को हुई।
इन सभी आठों लोगों के बीच छह बार मीटिंग होने की बात भी डायरी में लिखी हुई है। ये मीटिंग हर 15 दिनों में हुई है। एक मीटिंग की तारीख एक अगस्त 2018 दर्ज है। दूसरी मीटिंग 16 अगस्त 2018 को, तीसरी एक सितंबर 2018 को, 16 सितंबर 2018 को और पांचवीं मीटिंग एक अक्तूबर 2016 को हुई। वहीं आखिरी बैठक दो महीने बाद एक दिसंबर को हुई।
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30 हजार आता था एक मीटिंग का खर्च
छह मीटिंग में से तीन मीटिंग में 30-30 हजार रुपये का खर्च दिखाया गया है। जबकि अन्य तीन मीटिंग में किसी भी तरह के खर्च न होने की बात लिखी गई है।
छह मीटिंग में से तीन मीटिंग में 30-30 हजार रुपये का खर्च दिखाया गया है। जबकि अन्य तीन मीटिंग में किसी भी तरह के खर्च न होने की बात लिखी गई है।