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शादी क्यों नहीं की, क्या कोई लड़की नहीं मिली...इस सवाल पर कुछ ऐसा था 'अटल रिएक्शन'
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:43 AM IST
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नानाजी देशमुख और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
सन् 2003 में 27 व 28 मार्च को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट का भ्रमण किया था। प्रभु श्रीराम की नगरी चित्रकूट में अटल बिहारी वाजपेयी ने दो दिन बिताए थे। इस दौरान उनकी प्रतिबद्धता और जीवटता की झलक दिखी थी। प्रधानमंत्री होने के बाद भी उन्होंने बेेहद सहजता से सबके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया और बच्चों के बीच बच्चे बन गए थे। शादी से लेकर खेलकूद, स्वास्थ्य और देश की सबसे बड़ी समस्या पर जब उन्होंने संवाद किया था तो पूरे हाल में सन्नाटा छा गया था।
नानाजी देशमुख और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
अटल जी जब समाजसेवी पद्मश्री नानाजी देशमुख के साथ बातचीत कर रहे थे। तब उनसे रामदर्शन स्थल पर जाने की बात हुई। अटलजी के पैर में तकलीफ होने के कारण एसपीजी ने रामदर्शन पर जाने से मना कर दिया था, क्योंकि सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में अटलजी को समस्या थी। इतना सुनते ही नानाजी ने अटलजी से कहा कि मैं आपसे उम्र में ज्यादा हूं, फिर भी आसानी से आ और जा सकता हूं। इतना सुनते ही अटलजी मुस्कराए और कहा कि बिना रामदर्शन किए वे चित्रकूट से नहीं जाएंगे।
नानाजी देशमुख और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट भ्रमण के दौरान जब देश दुनिया को भूल बच्चों के बीच खो गए अटलजी से बच्चों ने पूछा कि आप ने शादी क्यों नहीं की, क्या कोई लड़की नहीं मिली... तो कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। कुछ देर बाद मुस्कराकर उन्होंने कहा कि किसी लड़की ने उन्हें पसंद ही नहीं किया। इस कारण उन्होंने शादी नहीं की। फिर बच्चों ने पूछा कि उन्हें कौन सा खेल पसंद है, तब उन्होंने कहा कि कबड्डी में बड़ा मजा आता है। यह देसी खेल है। कई बार कालेज में उनकी टीम ने कबड्डी की प्रतियोगिताएं जीती हैं।
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जलसंग्रहण योजना का शुभारंभ करते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : अमर उजाला
पानी के लिए होगा तीसरा विश्व युद्ध
बेहद दूरदर्शी अटल बिहारी वाजपेयी पानी को लेकर बेहद संजीदा थे। किसानों के लिए सिंचाई और आमजन को पेयजल की समस्या बढ़ने पर उन्होंने धर्मनगरी के एक हाल में कहा था कि आज पेट्रोल के लिए जंग हो रही है, अगर नहीं चेते तो आने वाले समय में पानी के लिए जंग होगी। तीसरा विश्वयुद्ध पानी के लिए हो सकता है। उनके इस बयान पर पूरे हाल में सन्नाटा छा गया था।
बेहद दूरदर्शी अटल बिहारी वाजपेयी पानी को लेकर बेहद संजीदा थे। किसानों के लिए सिंचाई और आमजन को पेयजल की समस्या बढ़ने पर उन्होंने धर्मनगरी के एक हाल में कहा था कि आज पेट्रोल के लिए जंग हो रही है, अगर नहीं चेते तो आने वाले समय में पानी के लिए जंग होगी। तीसरा विश्वयुद्ध पानी के लिए हो सकता है। उनके इस बयान पर पूरे हाल में सन्नाटा छा गया था।
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धर्मनगरी चित्रकूट में कार्यक्रम का बैनर
- फोटो : अमर उजाला
धर्मनगरी में बोले थे अटलजी
1- दीनदयाल शोध संस्थान ने किया चित्रकूट का कायाकल्प।
2- नौजवान खुद का रोजगार कर स्वावलंबी बनें।
3 - गनीवां के आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चों से कहा बेहतर भविष्य के लिए पढ़ना लिखना जरूरी।
4- बच्चों ने पूछा आप हमारे साथ खाना खाएंगे, अटलजी ने कहा, क्या खिलाएंगे बच्चों ने कहा, खिलाना तो चाहते है परंतु आपके खाना खिलाने में भोजन जांच की प्रक्रिया बहुत कठिन है ।
5-चित्रकूट की परंपरानुसार अटलजी ने शुद्ध शाकाहारी भोजन ही ग्रहण किया और प्रभु कामतानाथ जी में माथा टेककर पूजा अर्चना की ।
6- हथियार केवल मौत देते हैं जीवन नहीं।
7- भाजपा के जनाधार की चिंता न करें ।
8- भगवान कामतानाथ की नगरी में बिताए 30 घंटे ।
1- दीनदयाल शोध संस्थान ने किया चित्रकूट का कायाकल्प।
2- नौजवान खुद का रोजगार कर स्वावलंबी बनें।
3 - गनीवां के आश्रम पद्धति विद्यालय के बच्चों से कहा बेहतर भविष्य के लिए पढ़ना लिखना जरूरी।
4- बच्चों ने पूछा आप हमारे साथ खाना खाएंगे, अटलजी ने कहा, क्या खिलाएंगे बच्चों ने कहा, खिलाना तो चाहते है परंतु आपके खाना खिलाने में भोजन जांच की प्रक्रिया बहुत कठिन है ।
5-चित्रकूट की परंपरानुसार अटलजी ने शुद्ध शाकाहारी भोजन ही ग्रहण किया और प्रभु कामतानाथ जी में माथा टेककर पूजा अर्चना की ।
6- हथियार केवल मौत देते हैं जीवन नहीं।
7- भाजपा के जनाधार की चिंता न करें ।
8- भगवान कामतानाथ की नगरी में बिताए 30 घंटे ।