फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कहानी 'अटल के लव लेटर' की

Mon, 25 Dec 2017 04:20 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 25 Dec 2017 04:20 PM IST
विज्ञापन
Atal Bihari Vajpayee love letter story
अटल बिहारी बाजपेई
ये भारतीय राजनीत‌ि की सबसे मशहूर प्रेम कहानी है। कहानी की शुरुआत 40 के दशक में होती है, जब अटल ग्वालियर के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। वाे भी उनके साथ उसी काॅलेज में पढ़ा करती थीं।

 

 

लवलेटर ने हमेशा के ल‌िये बदल दी ज‌िंदगी

Atal Bihari Vajpayee love letter story
अटल बिहारी बाजपेई
वाे एेसा था जब बातें केवल आंखों ही आंखों में होती थीं। अांखे इशाराें से प्रेम के संकेत देती थी। ज्यादा बात करने के अवसर नहीं म‌िला करते थे। ऐसा लगता था कि प्रेम बहुत शिद्दत से एक पगडंडी तैयार करता जा रहा था। आखिरकार भव‌िष्य के राजनेता अटल ब‌िहारी बाजपेई ने इस राह पर कदम बढ़ाने की हिम्मत की। उन्होंने लवलेटर लिखा। जवाब ही नहीं आया। वह बहुत निराश हुए। उन्हें क्या मालूम था कि ये लवलेटर करीब एक-डेढ़ दशक बाद उनकी जिंदगी में हमेशा के लिए बदलने वाला है। 


 

अटल ने तब लिखा था लव लेटर

Atal Bihari Vajpayee love letter story
अटल बिहारी बाजपेई
अटलजी पर लिखी गई किताब "अटल बिहारी वाजपेयीः ए मैन ऑफ आल सीजंस" के लेखक और पत्रकार किंशुक नाग ने लिखा किस तरह पब्लिश रिलेशन प्रोफेशनल सुनीता बुद्धिराजा के मिसेज कौल से अच्छे रिश्ते थे। उनके हवाले उन्होंने लिखा एक दिन मिसेज कौल कुछ उदास थीं, तब उन्होंने सुनीता से अटल के साथ रिश्तों के बारे में बताया। दोनों एक ही समय ग्वालियर के एक ही कॉलेज में पढ़े थे। ये 40 के दशक के बीच की बात थी। वो ऐसे दिन थे जब लड़के और लड़कियों की दोस्ती को अच्छी निगाह से नहीं देखा जाता था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

जब नहीं म‌िला था अटल काे लेटर का जवाब

Atal Bihari Vajpayee love letter story
अटल बिहारी बाजपेई
आमतौर पर प्यार होने पर भी लोग भावनाओं का इजहार नहीं कर पाते थे। इसके बाद भी युवा अटल ने लाइब्रेरी में एक किताब के अंदर राजकुमारी के लिए एक लेटर रखा। लेकिन उन्हें उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। वास्तव में राजकुमारी ने जवाब दिया था। जवाब किताब के अंदर ही रखकर अटल के लिए दिया गया था लेकिन वह उन तक नहीं पहुंच सका। इस बीच राजकुमारी के सरकारी अधिकारी पिता उनकी शादी एक युवा कॉलेज टीचर ब्रिज नारायण कौल से कर देते हैं।

 
विज्ञापन

अटल को जीवनसाथी बनाना चाहती थीं

Atal Bihari Vajpayee love letter story
अटल बिहारी बाजपेई
किताब में राजकुमारी कौल के एक परिवारिक करीबी के हवाले से कहा गया कि वास्तव में वह अटल से शादी करना चाहती थीं, लेकिन घर में इसका जबरदस्त विरोध हुआ। हालांकि अटल ब्राह्मण थे लेकिन कौल अपने को कहीं बेहतर कुल का मानते थे। मिसेज कौल की सगाई के लिए जब परिवार ग्वालियर से दिल्ली आया, उन दिनों यहां 1947 में बंटवारे के दौरान दंगा मचा हुआ था। इसके बाद उनकी शादी ग्वालियर में हुई। उनके पति बहुत बढ़िया शख्स थे। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed