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3 दिन एक परिवार और चार लाशें, पहले भाभी फिर पिता और भाई-बहन ने चुनी मौत, जिसने भी सुना रह गया सन्न
Tue, 25 Jun 2019 02:16 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 25 Jun 2019 02:16 AM IST
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मृतक सुनील और उसकी प्रेमिका का शव
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। तीन दिन में एक परिवार के चार लोग एक एक कर काल के गाल में समा गए। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना वो सिहर उठा। भाई बहन के बीच पनपे प्यार ने पिता की हार्ट अटैक से जान ले ली। जब दाेनों को ये खबर मिली तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने भी मौत की राह चुनी।
मृतक की बहन एवं प्रेमिका की लाश
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के सचेंडी में भाभी का अंतिम संस्कार होने के बाद सुशील वर्मा उर्फ सोनू (23) प्रेमिका रिश्ते की बहन सोनी (18) को लेकर भाग गया। इसकी जानकारी मिलने पर सुशील के पिता जगदीश की हार्ट अटैक से मौत हो गई। तीन दिन तक इधर-उधर भटकने के बाद गांव पहुंचे प्रेमी युगल तो उन लोगों को जगदीश की मौत का पता चला।
रेलवे लाइन किनारे पड़ा शव
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद आत्मग्लानि में प्रेमी युगल ने सचेंडी क्षेत्र में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। दोनों के लापता होने के बाद दिन बाद सोमवार सुबह गांव वालों की सूचना पर प्रेमी युगल के परिजन व पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन कर पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भीमसेन गांव निवासी जगदीश प्राइवेट काम करते थे। उनका छोटा बेटा सुशील उर्फ सोनू शटरिंग का काम करता था।
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सुशील की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस में भाई (सफेद गमछे में)
- फोटो : अमर उजाला
गांव में उसकी रिश्ते की बहन सोनी रहती थी। दोनों में करीब दो साल से प्रेम संबंध थे। एक साल पहले दोनों रंगरेलियां मनाते हुए पकड़े गए थे। तब सोनी के परिजन उसे घर में रखने से मना कर दिया था। तब भीमसेन पुलिस चौकी में सोनू और सोनी के परिजनों में लंब पंचायत हुई थी। इसके बाद सोनी केघरवाले उसे घर ले जाने को राजी हुए थे। सोनी की मां श्यामा देवी ने बताया कि सोनी और सोनू इसके बाद भी अलग नहीं हुए।
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मृतका का शव
- फोटो : अमर उजाला
दोनों चोरी-छिपे मिलते-जुलते रहे। श्यामा के मुताबिक 19 जून को सोनू की भाभी पूजा (राजेश की पत्नी) बेटी महिमा (6) को लेकर भाई के साथ बाइक से रिश्तेदार के घर चकेरी जा रही थी। रामादेवी के पास सड़क हादसे में पूजा की मौत हो गई थी। उसकी बेटी का रिजेंसी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बकौल श्यामा 19 को पूजा का अंतिम संस्कार हुआ। 20 जून को सोनू और सोनी चुपचाप घर से भाग निकले।