फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बिकरू कांड में एसआईटी के रडार पर 2200 पुलिसवाले, शिवली थाने के 1995 से अब तक के पुलिसकर्मियों की जांच

Fri, 24 Jul 2020 08:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 24 Jul 2020 08:25 PM IST
विज्ञापन
2200 policemen on SIT radar in Bikru case
kanpur encounter SIT - फोटो : अमर उजाला
शिवली थाने में 1995 से अब तक तैनात रहे पुलिस कर्मियों का ब्योरा बिकरू कांड की जांच के लिए गठित एसआईटी को सौंप दिया गया है। सूची में 2200 पुलिस कर्मियों की डिटेल दी गई है। इसमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक हैं। एसआईटी ने यह ब्योरा पुलिस से मांगा था।


 
2200 policemen on SIT radar in Bikru case
kanpur encounter SIT - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में चौबेपुर एसओ समेत कई पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व हल्का इंचार्ज केके शर्मा विकास से सांठगांठ के आरोप में जेल में है। बिकरू गांव 2004 में चौबेपुर थाने में जोड़ा गया था, इसके पहले वह शिवली कोतवाली से जुड़ा था।

 
2200 policemen on SIT radar in Bikru case
kanpur encounter SIT - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2001 में कोतवाली के अंदर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें विकास दुबे मुख्य आरोपी था। बाद में कोर्ट से वह बरी हो गया था। शिवली से बिकरू की दूरी अधिक होने पर उसे चौबेपुर थाने में जोड़ दिया गया था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
2200 policemen on SIT radar in Bikru case
kanpur encounter SIT - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड की जांच कर रही एसआईटी ने शिवली कोतवाली में 1995 से लेकर अब तैनात रहे पुलिस कर्मियों की सूची मांगी थी। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि 2200 पुलिस कर्मियों के नाम, तैनाती का समय, स्थानांतरण के बाद दोबारा तैनात होने का विवरण भी दर्ज किया गया है। 

 
विज्ञापन
2200 policemen on SIT radar in Bikru case
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
बता दें कि बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे और उसके पांच साथियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस इस मामले में अभी तक 12 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। मामले की जांच के लिए एसआईटी और न्यायिक आयाेग का गठन किया गया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के लिए फिर से समित गठित करने के आदेश दिए हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed