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अंतिम संस्कार के बाद घर आए अब्बू: देखते ही डर गई बेटी, फिर परिवारवालों ने बताया पूरा वाकया तो भौचक्का रह गए

Thu, 07 Jul 2022 07:17 AM IST
प्रशांत कुमार अनीता वर्मा, झांसी।
अनीता वर्मा, झांसी। Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 07 Jul 2022 07:17 AM IST
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person whose family had performed last rites thought he was dead returned home
परिजन व रिश्तेदार, नवाब खान - फोटो : अमर उजाला

जरा सोचिए, घरवालों ने जिसे मरा मानकर रीति-रिवाजों के अनुसार तीजा और चालीसवां कर डाला हो, वह व्यक्ति कुछ दिनों बाद सही सलामत जिंदा वापस लौट आए तो उस परिवार की स्थिति क्या होगी...? और तो और उस व्यक्ति पर क्या बीत रही होगी, जब उसे ये पता चला होगा कि उसके परिवार वाले उसका अंतिम संस्कार कर चुके हैं। असल में ये कोई कहानी नहीं बल्कि झांसी की रेलवे कॉलोनी स्थित मालगोदाम के पास रहने वाले 65 साल के व्यक्ति नवाब खान की जिंदगी की हकीकत है। 



नवाब खान मालगोदाम के पास रहते हैं। इनकी पत्नी का नाम रोशन है। इनकी तीन बेटियां आसमां, रेशमा और परवीन हैं, तीनों की शादी हो चुकी है। बेटियां इसी इलाके में आसपास अपने पति के साथ रहती हैं। दो बेटे साबिर और सोनू भी हैं। नवाब खान का ससुराल भी मालगोदाम इलाके में ही है। ससुराल में इनकी बुजुर्ग सास अकीला और साला रियाज अपने परिवार के साथ रहते हैं। काम के नाम पर ये लोग रेलवे कॉलोनी के बंगलों में साफ-सफाई करते हैं। 

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नवाब खान के परिजन व रिश्तेदार - फोटो : अमर उजाला

बात मई माह की है। सुबह घर से निकले नवाब खान अचानक लापता हो गए। घरवालों ने कई जगह उन्हें ढूंढा लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। ऐसे ही दो-तीन दिन गुजर गए। इसी दौरान काम के सिलसिले में उरई गए पास के कुछ लड़कों ने सूचना दी कि नवाब खान की मौत हो गई है। इस पर घरवालों को यकीन नहीं हुआ। दो दिन बाद ही उनकी जान-पहचान के कुछ लोगों ने फोन किया कि दतिया में पुलिस को नवाब खान का लाश मिली है। उनकी फोटो सोशल मीडिया पर भी है।

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नवाब खान के परिजन व रिश्तेदार - फोटो : अमर उजाला

नवाब खान की बेटी आसमां ने बताया कि उनका भाई साबिर पूना में एक कंपनी में काम करता है। उसने भी मोबाइल पर अब्बा (नवाब खान) की फोटो का जिक्र किया। आसमां ने बताया कि परिवार के लोगों ने जब दतिया पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि तकरीबन 65 साल के एक बुजुर्ग का लावारिस शव जीआरपी को मिला था। शव पर कोई पहचान चिह्न नहीं था। शरीर के ऊपरी हिस्से में कोई कपड़ा भी नहीं मिला था। तीन-चार दिनों तक कोई शिनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। 


 
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नवाब खान के परिजन व रिश्तेदार - फोटो : अमर उजाला

आसमां ने बताया कि पुलिस ने कुछ कपड़े दिखाए। इसके बाद वायरल फोटो देखी गई तो वह अब्बा के जैसी लगी। घर लौटकर परिवारवालों ने निर्णय लिया कि नवाब खान नहीं रहे तो अब उनके क्रिया कर्म की रस्म और तीजा व चालीसवां कर देना चाहिए। चूंकि नवाब खान अपने स्वभाव के कारण आसपास काफी प्रसिद्ध हैं, इसलिए यह बात तुरंत क्षेत्र और उनके घर के सामने बनी पीर बाबा की दरगाह तक पहुंच गई।

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नवाब खान की पत्नी, नवाब खान - फोटो : अमर उजाला

सभी ने मिलकर मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार जून माह में उनका तीजा और चालीसवां कर दिया। आसमां और नवाब के साले रियाज ने बताया कि चालीसवें के तकरीबन आठ दिन बाद ही सुबह साढ़े चार बजे नवाब घर लौट आए, उस वक्त सभी लोग सो रहे थे। आसमां ने बताया कि अचानक अब्बा को सामने देखकर वह लोग डर गए। तब नवाब खान ने बताया कि वह ट्रेन से वह बीना चले गए थे। परिवारवालों ने उन्हें पूरा वाकया बताया तो वह भौचक्के रह गए। 


 
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