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Locust Attack: टिड्डी दल को भगाने के लिए अनोखे जतन, डीजे साउंड-ढोल नगाड़े व बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर...
Thu, 28 May 2020 10:30 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 28 May 2020 10:30 AM IST
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डीजे साउंड
- फोटो : अमर उजाला
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आशंकाओं को सही साबित करते हुए एक सप्ताह के भीतर बुधवार को तीसरा टिड्डी दल जिले की सीमा में दाखिल हो गया। मध्य प्रदेश के इंदरगढ़ से होते हुए करोड़ों कीटों ने अचानक मोंठ इलाके के कई गांवों में हमला बोला। हालांकि, इससे निपटने के लिए प्रशासनिक अमला और ग्रामीण पहले से ही तैयार थे। टिड्डियों के पहुंचते ही शोर मचाना शुरू कर दिया गया। डीजे साउंड की आवाज से इन्हें भगाया गया तो ग्रामीणों ने बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर भी टिड्डियों के पीछे दौड़ाए। शाम तक टिड्डियों का दल बघेरा में आसमान में मंडराता नजर आया। रात को इसके बैठने पर रसायन का छिड़काव किया गया।
टिड्डी दल को भगाते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के संक्रमणकाल में टिड्डी बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान के रास्ते टिड्डी दल जिले की सीमा को लगातार लांघ रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर ही तीन टिड्डी दल झांसी के आसमान में नजर आ चुके हैं। पिछले दिनों आए करोड़ों कीटों के समूह ने बरुआसागर इलाके के आधा दर्जन से अधिक गांवों में सब्जियों के खेतों में भारी तबाही मचाई थी।
ढोल नगाड़े बजाते हुए किसान
- फोटो : अमर उजाला
मिनटों में इन कीटों ने फसलों को चौपट कर दिया था। बुधवार को एक और टिड्डी दल जनपद की सीमा में दाखिल हुआ। मोंठ इलाके के शाहजहांपुर सीमा के कंडोर, बमरौली स्टेट और इसके बाद बेलमा, बसोबई , पचोबई, खिल्ली, मड़ोरा, महुआखेरा, अमरौख, एरच, बहादुरपुर, दतावली बसौना, अंग्थारी, जरहा खुर्द, भुजोंद आदि गांवों तक ये पहुंचे। हालांकि, इससे निपटने के पहले से ही इंतजाम कर लिए गए थे। प्रशासनिक मशीनरी के साथ - साथ ग्रामीण भी तैयार थे।
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आसमान में टिड्डी दल
- फोटो : अमर उजाला
टिड्डियों के आसमान में नजर आते ही शोर मचाना शुरू कर दिया गया। कहीं डीजे साउंड फूल वॉल्यूम पर खोल दिए गए तो ग्रामीणों ने बगैर साइलेंसर के ट्रैक्टर इन कीटों के पीछे दौड़ाए। ढोल, नगाढ़े, थाली, कनस्तर भी बजाए गए। शोर से टिड्डी दल मोंठ इलाके में नहीं बैठा और यहां से आगे बढ़ गया। शाम को ये बघेरा के आसमान में नजर आया। चूंकि, रात में टिड्डी उड़ते नहीं हैं और हरियाली में पनाह ले लेते हैं। इनके बैठने का इंतजार किया जाता रहा, ताकि रात में इन पर फायर ब्रिगेड के जरिये रसायन का छिड़काव कर खात्मा किया जा सके।
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locust
- फोटो : पीटीआई
अफसर संभाले रहे कमान
टिड्डी दल के आने की आशंका पहले ही जताई जा चुकी थी। ये फसलों पर न बैठ पाएं, इसके लिए प्रशासनिक अमला पहले ही सतर्क हो गया था। सूचना मिलते ही एसडीएम मोंठ मंजूर अहमद अंसारी चिरगांव ब्लॉक पहुंचे वहां पर विभाग के अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारी सुभाष नेमा के साथ किसानों को टिड्डी दल से मुकाबला करने के लिए जागरूक किया।
टिड्डी दल के आने की आशंका पहले ही जताई जा चुकी थी। ये फसलों पर न बैठ पाएं, इसके लिए प्रशासनिक अमला पहले ही सतर्क हो गया था। सूचना मिलते ही एसडीएम मोंठ मंजूर अहमद अंसारी चिरगांव ब्लॉक पहुंचे वहां पर विभाग के अधिकारियों तथा खंड विकास अधिकारी सुभाष नेमा के साथ किसानों को टिड्डी दल से मुकाबला करने के लिए जागरूक किया।