फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Swine flu... samples to be collected at the medical college starting today.

Jhansi News: स्वाइन फ्लू...मेडिकल कॉलेज में आज से लिए जाएंगे सैंपल

Thu, 27 Aug 2026 02:20 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Thu, 27 Aug 2026 02:20 AM IST
विज्ञापन
Swine flu... samples to be collected at the medical college starting today.
झांसी। स्वाइन फ्लू के रोगी बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम, नियंत्रण और उपचार के लिए कमर कस ली है। प्रशासन ने जांच और उपचार की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के आदेश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार से संदिग्धों की जांच के सैंपल लखनऊ जाएंगे। तीन-चार दिन में स्वाइन फ्लू जांच किट आने पर यहीं जांच होगी। वहीं, फिलहाल मेडिसिन विभाग में पांच बेड रिजर्व कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को बैठक कर वार्ड अथवा बेड बढ़ाने का फैसला होगा।
विज्ञापन

प्रदेश के महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. पवन कुमार अरुण ने स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा-ए) के मद्देनजर डीएम, सीएमओ, मेडिकल कॉलेजों प्राचार्यों व अस्पतालों के अफसरों को व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रोकथाम, नियंत्रण व उपचार की गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि स्वाइन फ्लू तेजी से फैलने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से संक्रमित की खांसी-छींक की ड्रॉप्स (बूंद) से फैलता है। संक्रमित वस्तुओं को छूने, हाथ मिलाने से भी संक्रमण फैल सकता है। इसके प्रमुख लक्षण बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिर, बदन दर्द, ठंड लगना तथा आंखों में लालिमा होना है।
विज्ञापन

किट आते ही कॉलेज में होगी जांच
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर विभागाध्यक्षों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को संदिग्ध रोगियों की जांच के सैंपल लिए जाएंगे, जो लखनऊ जाएंगे। स्वाइन फ्लू की जांच किट के लिए ऑर्डर कर दिया है, जो तीन-चार दिन में जाएगी। इसके बाद काॅलेज में ही जांच होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


- तीन श्रेणी में बांटकर होगा इलाज
-ए श्रेणी में हल्के लक्षण वाले रोगी होंगे। इनको घर पर आराम करने और परिवार के सदस्यों से दूरी बनाने की सलाह है। इनका 24 से 48 घंटे में चिकित्सकीय निगरानी में दोबारा मूल्यांकन होगा।
-बी श्रेणी में तेज बुखार व गले में गंभीर खराश है। गर्भवती महिला, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, फेफड़े, हृदय, यकृत, गुर्दे की बीमारी, मधुमेह, कैंसर आदि से पीड़ित इस श्रेणी में होंगे। इन रोगियों को अलग रखकर ओसेल्टामिविर दवा दी जाएगी।
-सी श्रेणी अति गंभीर है, जिसमें सांस फूलना, सीने में दर्द, अधिक नींद या बेहोशी, बीपी कम होना, खून वाला बलगम, नाखून नीले पड़ना हैं। ऐसे मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार के निर्देश हैं।


मास्क और पीपीई किट पर्याप्त रखने के निर्देश
निदेशक ने सर्जिकल मास्क, एन-95 मास्क, पीपीई किट, उपकरण व जरूरी दवा की पर्याप्त उपलब्धता के आदेश दिए हैं। डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को बचाव के उपायों का पालन करने के लिए कहा है।

उच्च जोखिम समूह का होगा टीकाकरण
स्वाइन फ्लू के संक्रमण एवं इसके गंभीर परिणामों से बचाव के लिए सीजनल इन्फ्लुएंजा का टीका कारगर है। ऐसे में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, लैब कर्मी, एंबुलेंस चालक आदि काे टीकाकरण कराने के लिए कहा है।


भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंके। बातचीत के समय उचित दूरी रखें। बार-बार हाथ धोते रहें। मॉल व भीड़भाड़ की जगह पर जाने से बचें।

बच्चे को दूध पीने में दिक्कत हो तो दिखाएं
गाइडलाइन के अनुसार बच्चों में तेज बुखार, दूध पीने में परेशानी, सुस्ती, तेज सांस चलना या सांस में कठिनाई दिखे तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed