फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

चित्रकूट जेल गैंगवार की पूरी कहानी: गैंगस्टर अंशू बोला- मुख्तार का खास कोई बदमाश जिंदा नहीं रहेगा..फिर दाग दीं गोलियां

Sat, 15 May 2021 01:01 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 15 May 2021 01:01 PM IST
विज्ञापन
Chitrakoot jail shootout case update news, Full story of Chitrakoot Jail shootout
अंशू दीक्षित की फाइल फोटो व मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट जेल में हुआ गैंगवार किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अंशू दीक्षित उर्फ सुमित दीक्षित ने मुकीम काला की बैरक में घुसते ही समुदाय विशेष के बदमाश के जिंदा न रहने की बात कहते हुए उसे गोलियों से भून दिया। इससे पहले अंशू ने परेड के दौरान मेराज को यह कहते हुए गोलियों से भून डाला कि मुख्तार का खास कोई भी जिंदा नहीं रहेगा। कुछ देर बाद अंशू एनकाउंटर में पुलिस की गोली से मारा जाता है। अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए अंशू ने ईद का ही दिन चुना। दरअसल सुबह करीब दस बजे अंशू बैरक से निकला। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों से उसने कहा कि वह पीसीओ जा रहा है, किसी को फोन करना है। तब किसी को अंदाजा नहीं था कि वह क्या करने वाला था। इस वक्त उसके पास पिस्टल थी। एक बड़े पुलिस अफसर ने बताया कि मेराज को देखते ही अंशू ने उस पर पिस्टल तान दी। 
Chitrakoot jail shootout case update news, Full story of Chitrakoot Jail shootout
घटना के बाद छावनी बनी चित्रकूट जेल - फोटो : amar ujala
उसने कहा कि तुम लोगों ने बहुत आतंक मचा लिया। अब मुख्तार अंसारी का खेल खत्म हो चुका है, उसका कोई गुर्गा जिंदा नहीं रहेगा। जब तक मेराज कुछ समझ पाता अंशु ने उस पर गोलियां दाग दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से वहां भगदड़ मच गई।
 
 
Chitrakoot jail shootout case update news, Full story of Chitrakoot Jail shootout
जेल के शस्त्रागार के बाहर तैनात फोर्स - फोटो : amar ujala
कुछ ही सेकेंड बाद वह अस्थायी बैरक में पहुंचा यहां पर मुकीम काला को पकड़ लिया। उससे कहा कि तुम्हारा इंतजार था। मुख्तार का कोई बदमाश जिंदा नहीं रहेगा। खेल खत्म। तुरंत मुकीम को भी गोलियों से भून डाला। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Chitrakoot jail shootout case update news, Full story of Chitrakoot Jail shootout
गेट पर तैनात फोर्स - फोटो : amar ujala
अस्थायी जेल में था मुकीम काला 
मुकीम काला सात मई को ही चित्रकूट जेल में शिफ्ट किया गया था। कोरोना के प्रोटोकॉल के मुताबिक वह अस्थायी जेल में क्वारंटीन था। क्वारंटीन का समय पूरा होने के बाद उसको भी हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट किया जाना था। मगर उसके पहले ही गैंगवार हो गया। जब अंशू ने मुकीम को मौत के घाट उतार दिया तो उसने खुद को बचाने के लिए पांच बंदियों को बंधक बना लिया। पुलिस ने जब घेराबंदी की तो उसने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हुआ। 

 
विज्ञापन
Chitrakoot jail shootout case update news, Full story of Chitrakoot Jail shootout
चप्पे चप्पे पर तैनात रही फोर्स - फोटो : amar ujala
हत्या करने के बाद बेफिक्र था
सूत्रों के मुताबिक मेराज को मारने के बाद वह टहलते हुए मुकीम की बैरक में गया। उसको मारा और वहां से दूसरी बैरक में गया। न उसके भीतर कोई डर दिख रहा था और न ही कोई फिक्र। ऐसा लगता है कि उसको यकीन था कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह जिंदा रहेगा। सूत्रों के मुताबिक गैंगवार साजिश के तहत हुआ है, जिसमें अंशू को जिंदा बचाने की गारंटी मिली थी। हालांकि इस बारे में कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं है। जांच के बाद मामला स्पष्ट होगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed