पूर्वांचल में स्थित चंदौली अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां की झरने आपका मन मोह लेंगी। चंदौली की टूरिस्ट स्पॉट पर अक्सर किसी उत्सव पर सैलानियों की भीड़ लग जाती है। जिलें में कई डैम भी मौजूद हैं। जहां अक्सर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती है। अगर आप भी वाराणसी घूमने आ रहे हैं तो आपको चंदौली भी समय निकालकर घूमना चाहिए। यहां के टूरिस्ट स्पॉट आपको निराश नहीं करेंगे। चंदौली का औरवटाड़ जलप्रपात बाहर के पर्यटकों के लिए भले ही अनजान हो पर क्षेत्रीय सैलानियों के लिए स्वर्ग सरीखा है।
औरवाटाड़ तीन तरफ से प्राकृतिक वादियों से घिरा है। इसके आसपास प्रागैतिहासिक काल के शैल चित्र भी हैं। इसी को देखते हुए इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सैलानी स्थानीय व्यंजन, लोक संगीत के साथ-साथ स्थानीय उत्पाद खरीद कर सकेंगे।
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औरवाटाड़ जलप्रपात का प्रवेश द्वार
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वनांचल के हरीतिमा के बीच स्थित और उपेक्षित रहा औरवाटाड़ जलप्रपात अब संवरने लगा है। जलप्रपात जाने वाले मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चकाचक कर दिया गया है। वहीं जलप्रपात का भव्य मुख्य द्वार बनाया गया है।
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औरवाटाड़ जलप्रपात के पास एडवेंचर गेम्स का भी ले सकेंगे मजा
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जलप्रपात के आसपास एडवेंचर गेम विकसित करने का कार्य चल रहा है। इसमें लो रोप कार्स, कमांडो नेट वॉल और टायर वॉल क्लाइम्बिंग का कार्य पूरा भी हो चुका है। वहीं यहां मचान का भी निर्माण कराया जाएगा। जहां से खड़े होकर सैलानी 360 डिग्री प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे और फोटोग्राफी भी कर सकेंगे। दिन रात मजदूर काम कर रहे हैं। दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
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औरवाटाड़ जलप्रपात
- फोटो : अमर उजाला
चंदौली के वनांचल क्षेत्र नौगढ़ और चकिया में कई आकर्षक जलप्रपात हैं जो पर्यटकों को सम्मोहित कर लेते हैं। इनमें राजदरी और देवदरी का नाम सबसे ऊपर है। यहां हर वर्ष लाखों लोग प्रकृति की मनोरम छटा निहारने आते हैं। लेकिन नौगढ़ के पास स्थित औरवाटाड़ जलप्रपात अभी तक उपेक्षित था।
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औरवाटाड़ जलप्रपात
- फोटो : अमर उजाला
औरवाटाड़ जलप्रपात की सुंदरता राजदरी-देवदरी से कहीं से कम नहीं है पर दूर होने की वजह से केवल स्थानीय लोगों को ही इसकी जानकारी थी। पूर्व जिलाधिकारी ईशा दुहन जब यहां गईं तो इसको देखकर आश्चर्यचकित रह गईं। उन्होने इसके सुंदरीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा। जिसके बाद दो करोड़ रुपये सुंदरीकरण के लिए जारी हुए।