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चमोली आपदा से गंगा किनारे बसे गांवों में दहशत, रात भर अटकी रहीं ग्रामीणों की सांसें, देखें तस्वीरें

Tue, 09 Feb 2021 04:42 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 09 Feb 2021 04:42 PM IST
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Uttarakhand Disaster: Fear in peoples of many villagers of Bijnor from Chamoli disaster and see photos
चमोली आपदा से लोगों में दहशत - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के चमोली जनपद में ग्लेशियर फटने के बाद गंगा के तटीय गांवों के लोगों की सांसें अटकी रहीं। प्रशासन भी मुस्तैद रहकर गंगा के पानी पर नजर रखे रहा। कई गांवों के लोगों ने जागकर रात गुजारी। गंगा में पानी नहीं बढ़ने पर प्रशासन के साथ गांव वालों ने भी राहत की सांस ली। गंगा में इस समय 7612 क्यूसेक पानी चल रहा है। 

Uttarakhand Disaster: Fear in peoples of many villagers of Bijnor from Chamoli disaster and see photos
मंडावर के खादर क्षेत्र से अपने गांव वापस जाते इच्छावाला के किसान। संवाद - फोटो : अमर उजाला

रविवार को चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद प्रशासन ने बाढ़ के खतरे के मद्देनजर पूरे जिले को अलर्ट कर दिया था। गंगा के तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पलेज लगाकर गंगा के आसपास रहने वाले लोगों को भी वहां से हटा दिया गया था। रात भर बालावाली से लेकर चांदपुर तक गंगा के तटीय गांवों के लोग जागकर गंगा के पानी पर नजर रखे रहे। प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। डैबलगढ़ व राजारामपुर गांवों में बंदोबस्त व लेखपालों की टीम पुलिस के साथ गंगा के पानी पर नजर रखे रही। 

डीएम रमाकांत पांडेय व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह ने कई गांवों का दौरा किया और गांव वालों को बताया कि वे चौकसी बरतते रहें। गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के मुताबिक, ऊपर से ही गंगा के पानी को नियंत्रित कर लिया गया है। गंगा में 7612 क्यूसेक पानी चल रहा है जो कि सामान्य है। गंगा बैराज के सभी गेट पानी बढ़ने की आशंका के चलते खोल दिए गए हैं।

Uttarakhand Disaster: Fear in peoples of many villagers of Bijnor from Chamoli disaster and see photos
डैबलगढ़ के सामने पीपे के पुल को फट्टे उतारकर किया गया बंद। संवाद - फोटो : अमर उजाला

गांवों में लौटने लगे ग्रामीण
इच्छावाला के ग्रामीणों को रविवार को ही गांव से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था। मुजफ्फरनगर के एक सुरक्षित स्थान व बालावाली क्षेत्र के एक स्कूल में गांव वालों को रखा गया था। ये गांव वाले सोमवार को अपने गांव लौटने लगे हैं। इनके अलावा गंगा के आसपास पलेज लगाने वाले जो लोग हटाए गए थे वे भी अपनी पलेज देखने के लिए गए। ये भी वापस होने शुरू हो गए हैं। इच्छावाला के ग्राम प्रधान गुलसनव्वर ने बताया कि जो गांव वाले प्रशासन के कहने पर सुरक्षित स्थानों पर गए थे वे अपने घर आने लगे हैं।

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Uttarakhand Disaster: Fear in peoples of many villagers of Bijnor from Chamoli disaster and see photos
लोगों में दहशत - फोटो : अमर उजाला

पीपे के पुल के फट्टे उतारे
मंडावर के गांव डैबलगढ़ में गंगा के ऊपर बने पीपे के पुल को भी रविवार को बंद कर दिया गया था। ठेकेदार ने पुल के फट्टे उतार लिए थे ताकि पुल पर आवाजाही न हो सके। इच्छावाला गांव के लोगों ने ठेकेदार से सोमवार को गुहार लगाई कि उनके पशु भूखे प्यासे हैं। ठेकेदार ने फट्टे लगाकर उन्हें पुल से गंगा पार करा दी और फिर फट्टे उतार दिए।

किसानों ने हटा लिए थे डेरे
चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद बाढ़ की आशंका से रविवार को नांगलसोती के गांव गौसपुर के ग्रामीण रात भर जागते रहे। भागूवाला के कोटावाली नदी क्षेत्र पर प्रशासन ने रातभर निगाह रखी। 

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गंगा बैराज, जहां पानी नहीं आने से गंगा सूखी पड़ी है। संवाद - फोटो : अमर उजाला

नांगलसोती क्षेत्र में थाना प्रभारी संजय पांचाल के निर्देशन में गौसपुर के ग्रामीणों को गंगा किनारे न जाने की मुनादी से ग्रामीण दहशत में रहे। एसडीएम बृजेश कुमार, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा के नेतृत्व में नांगल पुलिस भी रातभर सतर्कता बरती रही। गौसपुर निवासी पूर्व निवर्तमान प्रधान मुन्नू सिंह, पूर्व प्रधान राजेश, अरविंद कुमार, विरेंद्र, लाल सिंह, प्रीतम सिंह ने बताया कि रातभर ग्रामीणों में डर बना रहा। उधर, प्रशासन ने भागूवाला के सबगढ़ क्षेत्र से गुजरने वाली कोटावाली और गंगा जलधारा पर निगाह रखी।  

वहीं चांदपुर में प्रशासन ने गंगा किनारे खादर क्षेत्र में तरबूज, खरबूजा, लौकी, ककड़ी, खीरा, टमाटर, टिंडा, भिलिया आदि की फसल उगाने वाले पलेजी किसानों को सतर्क कर दिया था। जिससे किसानों ने अपने बच्चों व सामान को अपने डेरों पर से हटा दिया था।

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