उत्तराखंड के सिमड़ी में बस दुर्घटना में बिजनौर के भी चार लोगों की मौत हुई है। गरीब और मजदूर पेशा परिवार के ये लोग बैंड बजाने का काम करते थे। हादसा इनके परिवार पर कहर बनकर टूटा है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मृतकों में मंडावली निवासी इश्तियाक उर्फ गुड्डू (35) पुत्र मुस्ताक, औरंगपुर भिक्कू निवासी इलियास पुत्र रईसू (50), मिर्जापुर सैद निवासी अनीस पुत्र सुक्खे (50), जालपुर निवासी विशाल पुत्र बाबूराम (22) शामिल हैं। मंडावली निवासी शादान पुत्र मुस्ताक (17) और निखिल (16) पुत्र मामराज गंभीर रूप से घायल हैं।
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पौड़ी में बरातियों से भरी बस खाई में गिरी
- फोटो : अमर उजाला
शाहबुद्दीन ठेकेदार ने बताया कि लालढांग में मंडावली निवासी इश्तियाक की बैंड बाजे की दुकान है। इश्तियाक मंडावली से पांच और लोगों को बरात में बैंड बाजा बजाने के लिए मजदूरी पर ले गया था।
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घटनास्थल पर लोग
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जिला हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र से पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के गांव कांडा मल्ला में मंगलवार देर शाम बरात जा रही थी। बरातियों से भरी बस गांव सिमड़ी के पास नयार नदी की घाटी में जा गिरी। उत्तराखंड पुलिस की सूचना पर मृतक इश्तियाक के परिजनों के साथ शाहबुद्दीन ठेकेदार रिखणीखाल पहुंच गए हैं। रिखणीखाल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपे जाएंगे।
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घटनास्थल पर लोग
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32 सीटर बस में सवार थे 52 बराती
उत्तराखंड में ओवरलोडिंग एक बार फिर बड़े हादसे का सबब बन गई। सिमड़ी में हादसे की शिकार हुई जीएमओयू की 32 सीटर बस में 52 बराती सवार थे। लालढांग से कोटद्वार, रिखणीखाल होते हुए सिमड़ी तक पहुंची बस को कहीं भी पुलिस और परिवहन विभाग ने नहीं रोका। हादसे में बस के मालिक और चालक दिनेश सिंह गुसाईं की भी मौत हो गई।
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पौड़ी बस हादसे के बाद दूल्हे के घर में मातम
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नहीं था अंदेशा कि घर तक नहीं पहुंचेगी बरात
बीरोंखाल ब्लॉक के कांडा मल्ला गांव की बेटी रचना के घर पर मंगलवार सुबह से शादी की चहल पहल थी। दुल्हन रचना को यह नहीं मालूम था कि उसके घर आने वाले बरातियों के साथ यह हादसा हो जाएगा और उसके घर तक बरात नहीं पहुंच पाएगी।