देश भर में दशहरे का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में रावण के पुतलों के दहन की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विभिन्न स्थानों पर आज शाम को रावण दहन किया जाएगा। वहीं ज्योतिषार्यों की मानें तो इस बार विजयदशमी शुभ संयोग में मनाई जाएगी। पंचक की बाध्यता नहीं होगी। वहीं आज दशहरा पूजन के लिए लोग सुबह से ही गन्ना खरीदने के लिए पहुंचने लगे। मुजफ्फरनगर जिले में 20 रुपये में एक गन्ना मिला। उधर, दशहरे को लेकर वेस्ट यूपी के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
Dussehra 2022: श्रवण नक्षत्र के विशेष संयोग में विजयादशमी आज, पूजन के लिए 20 रुपये में मिला एक गन्ना
दशहरा पूजने के लिए 20 रुपये में मिला गन्ना
गन्ने की खेती के लिए देशभर में पहचान बनाने वाले मुजफ्फरनगर जिले में दशहरे पर एक गन्ने के दाम भी आसमान पर रहे। पारंपरिक तरीके से दशहरा पूजन की चाह रखने वाले लोगों को एक गन्ना 20 रुपये में खरीदना पड़ा। शहर के भगत सिंह रोड, कच्ची सड़क, अंसारी रोड समेत अन्य मुख्य मार्गों पर सुबह ही गन्ना खरीदने के लिए लोग पहुंचने शुरू हो गए थे।
दशहरा पर्व पर जिले में 48 स्थानों पर रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतलों को दहन होगा। इस दौरान आयोजित होने वाले मेलों में सुरक्षा के पुलिस अधिकारियों ने पुख्ता इंतजाम किए है। इन आयोजनों के मद्देनजर पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बनाई हुई हैं। सभी स्थानों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस टीम सुबह दस बजे अपने प्वाइंटों पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को सतर्कता पूर्वक ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं।
आश्विन शुक्ल पक्ष दशमी को श्रवण नक्षत्र होने से विजयादशमी शुभ संयोग में बुधवार को मनाई जा रही है। यह त्योहार वर्षा ऋतु की समाप्ति और शरद के आरंभ का सूचक है। दुर्गा-विसर्जन, अपराजिता पूजन, विजय-प्रयाग, शमी पूजन तथा नवरात्र-पारण इस पर्व के महान कर्म हैं।
आज के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा और कलश विसर्जन के साथ ही रावण पुतला दहन का भी विधान है। मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। इस दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन शुभ माना जाता है। दशहरा के दिन श्रीराम, मां दुर्गा, श्री गणेश और हनुमान जी की आराधना की जाती है। दशहरा के दिन रामायण पाठ, सुंदरकांड, श्रीराम रक्षा स्त्रोत करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सर्व सिद्ध तिथि है विजयदशमी
विजय दशमी को सर्वसिद्धिदायक तिथि माना जाता है। इस दिन सभी शुभ कार्य फलकारी माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दशहरा के दिन बच्चों का अक्षर लेखन, घर या दुकान का निर्माण, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण, अन्नप्राशन, कर्ण छेदन, यज्ञोपवीत संस्कार और भूमि पूजन कार्य शुभ माने गए हैं। इस मुहूर्त में किए गए सभी काम सफल होते हैं। इस बार विजयादशमी के साथ श्रवण नक्षत्र व एकादशी तिथि का दुर्लभ संयोग है।
सुकर्मा, धृति, रवि योग का संयोग
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस दिन सुकर्मा, धृति और रवि योग का खास संयोग रहेगा। 5 अक्तूबर को दोपहर व्यापिनी श्रवण नक्षत्र युक्त दशमी को अपराजिता पूजन, शमी पूजन, शस्त्र पूजन का विशेष शुभ समय रहेगा। दशमी तिथि का समापन 5 अक्तूबर दोपहर 12 बजे होगा। इसके बाद एकादशी तिथि होगी। विजयदशमी वर्ष के श्रेष्ठ मुहूर्त बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया की तरह ही शुभ माना गया है। किसी भी तरह का लेनदेन का कार्य श्रेष्ठ फलदाई माना गया है।