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यूक्रेन: बॉर्डर पर था बुरा हाल, किसी का हाथ टूटा तो किसी ने माइनस-3 डिग्री में गुजारी रात, जिगर के टुकड़ों को देख छलके आंसू

Thu, 03 Mar 2022 09:41 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 03 Mar 2022 09:41 PM IST
सार

यूक्रेन से अपने घर पहुंचे छात्रों ने आपबीती सुनाई तो परिजन भी सहम गए। छात्रों ने बताया गया कि बॉर्डर पर धक्का-मुक्की के बीच कई छात्रों के हाथ भी टूट गए। वहीं कुछ छात्रों ने माइनस-3 डिग्री में फुटपात पर खड़े होकर बिताए।

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Ukraine Russia War: Many students have reached at home in Bijnor told panic story
बेटे को देख रोते परिजन। - फोटो : amar ujala

यूक्रेन में फंसे जिगर के टुकड़े घर लौटे तो उन्हें देख परिजनों के खुशी के आंसू छलक आए। गुरुवार को भी दस से अधिक जिले के छात्रों की वतन वापसी हुई है। जिन्होंने परिवार वालों को आपबीती सुनाई। वहीं अभी तीस से अधिक छात्रों के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा है। जिनमें कुछ रोमानिया में ठहरे हुए हैं तो कुछ पोलैंड में फ्लाइट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि कुछ छात्र अभी तक भी यूक्रेन में ही फंसे हुए हैं। 



शारिक के घर लौटने पर परिजन में खुशी
अफजलगढ़ के गांव रसूलपुर निवासी मेडिकल का छात्र शारिक यूक्रेन से गुरुवार की शाम अपने घर लौट आया। शारिक ने बताया कि भारतीय छात्र-छात्राओं को पौलेंड बॉर्डर पर परेशान किया गया। यूक्रेन के उजगोल शहर से 40 किलोमीटर पैदल चल कर रविवार को पौलेंड बॉर्डर पहुंच गए थे। पोलैंड में केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने वहां पहुंच कर भारतीय छात्रों से मुलाकात की। वहीं बुधवार को उन्होंने भारतीय छात्रों के विमान को हरी झंडी दिखाकर भारत के लिए रवाना किया। शारिक गांव पहुंच कर परिजनों के साथ खुशी महसूस कर रहा है।

Ukraine Russia War: Many students have reached at home in Bijnor told panic story
घर पहुंचा जुबैर। - फोटो : amar ujala

रोमानिया पहुंचे तो लगा इंसानियत अभी जिंदा है: जुबैर
यूक्रेन से निकलकर रोमानिया पहुंचे तो लगा इंसानियत अभी जिंदा है। रोमानिया के परिवार शेल्टर हाऊस में आकर बार-बार छात्रों से मालूम कर रहे थे कि कोई दिक्कत तो नहीं है। रोमानिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने भी खूब मदद की। यह बात यूक्रेन से लौटे मेडिकल के छात्र जुबैर ने कहीं। 

Ukraine Russia War: Many students have reached at home in Bijnor told panic story
घर पहुंची इमामा। - फोटो : amar ujala

बिजनौर के मोहल्ला बुखारा का रहने वाला जुबैर गुरुवार को अपने घर पहुंचा। जिसे देख परिवार के चेहरे खिल उठे। उमर उजाला से बातचीत में जुबैर ने बताया कि इवानो में जिस फ्लैट में ठहरे हुए थे, उसके ऊपर से जेट गुजरा तो लगा कि अब जिंदा नहीं बचेंगे। खैर, किसी तरह इवानो से निकलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंच गए। जहां सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।

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घर पहुंचे छात्र। - फोटो : amar ujala

बताया कि मैं शुरुआत के दो घंटे में ही बॉर्डर पार कर सकता था लेकिन, छात्र-छात्राओं को रोता देख रुक गया। एक-एक कर 29 छात्र छात्राओं को बॉर्डर पार कराने में मदद की। बताया कि बॉर्डर पार करने के बाद रोमानिया पहुंचे तो लगा कि इंसानियत अभी जिंदा है। 

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Ukraine Russia War: Many students have reached at home in Bijnor told panic story
घर पहुंचे छात्र। - फोटो : amar ujala

माइनस-3 डिग्री तापमान में फुटपाथ पर बिताए नौ घंटे: इमामा
माइनस-3 डिग्री तापमान में फुटपाथ पर नौ घंटे बिताए। बॉर्डर पर चार हजार छात्रों की भीड़, धक्का-मुक्की, गिरना उठना और फिर गेट खुलने का इंतजार करना। जीवन में सबसे कष्टकारी रहा यूक्रेन का बॉर्डर पार करना। यह आपबीती यूक्रेन से लौटी इमामा ने सुनाई।

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