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Bijnor News: पानी घटा तो जुगाड़ के पुल से कार और भैंसा बुग्गी भी निकाल रहे लोग
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जलीलपुर में पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट क्षतिग्रस्त सड़क पर बने जुगाड़ के पुल से पार होती कार
जलीलपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बुधवार को रास्तों और स्टेट हाईवे पर पानी कम होने से ग्रामीणों और राहगीरों को राहत मिली। पांडवनगर पुलिस चौकी के पास क्षतिग्रस्त स्टेट हाईवे पर ग्रामीणों की ओर से बनाए गए जुगाड़ के पुल का विस्तार कर दिया गया। इसके बाद बाइक के साथ कार और भैंसा बुग्गी का आवागमन भी शुरू हो गया।
स्टेट हाईवे बहसूमा-ठाकुरद्वारा पर इस बरसात के मौसम में चौथी बार सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट सड़क का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया था। सड़क में बनी खाई पर ग्रामीणों ने लोहे की जाली डालकर अस्थायी पुल बनाया था। पहले इस पुल से पैदल और बाइक सवार ही निकल रहे थे। बुधवार को पानी कम होने पर ग्रामीणों ने पुल को और बढ़ाकर कार व भैंसा बुग्गी के आवागमन के लायक बना दिया। जुगाड़ के पुल से कार चालक अपने वाहन निकाल रहे हैं। वहीं कुछ कार चालक जोखिम से बचने के लिए अपनी कार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ाकर पानी के पार ले जा रहे हैं। पांडवनगर पुलिस चौकी और नारनौर के बीच पानी कम होने से बाइक सवार भी थोड़ी मुश्किल के साथ आवागमन कर रहे हैं।
नारनौर और पांडवनगर पुलिस चौकी के बीच पानी कम होने से दत्तियाना, जमालुद्दीनपुर का खेड़ा, मुजफ्फरपुर खादर, सियाली और सुजातपुर खादर समेत कई गांवों के ग्रामीणों को राहत मिली है। वहीं रायपुर खादर, जलालपुर खादर और मीरापुर सीकरी के रास्तों पर भी पानी कम होने के बाद ग्रामीणों ने बाइक से आवागमन शुरू कर दिया है।
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वर्जन-
एसडीएम प्रशांत वर्मा ने बताया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग मेरठ के अंतर्गत है। मरम्मत के लिए उन्हें बोला हुआ है। स्थिति को देखकर सुरक्षात्मक और अस्थायी व्यवस्था जल्दी कराएंगे।
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पांच दिन बाद स्कूली वाहनों का आवागमन शुरू, बच्चों ने जाना शुरू किया स्कूल
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
जलीलपुर। बाढ़ प्रभावित गंगा खादर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन पानी घटने से ग्रामीणों को राहत मिली है। बुधवार को कई गांवों से बाइक का आवागमन शुरू हो गया। वहीं पांच दिन बाद स्कूली वाहनों का संचालन शुरू होने पर गांवों से बाहर पढ़ने वाले बच्चे भी स्कूल पहुंच सके।
गंगा खादर क्षेत्र में दो सितंबर की रात से बाढ़ का पानी आना शुरू हुआ था। तीन सितंबर से गांवों के रास्तों और स्टेट हाईवे पर पानी बहने के कारण शुक्रवार से बाहर पढ़ने वाले बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया था। पिछले दो दिनों से लगातार पानी कम होने के बाद बुधवार को दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, जमालुद्दीनपुर, सलेमपुर खादर और मीरापुर सीकरी आदि गांवों से स्कूली वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। हालांकि, कुछ विद्यालय परिसरों में अब भी पानी भरा हुआ है। दत्तियाना के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के मैदान में पानी फैला है, जबकि रायपुर खादर के कंपोजिट विद्यालय के बाहर भी पानी जमा है। इसके बावजूद दोनों विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। बाढ़ प्रभावित सियाली, सुजातपुर खादर और मुजफ्फरपुर खादर के राजकीय विद्यालयों में पानी नहीं भरा है। पानी कम होने से ग्रामीणों के साथ विद्यार्थियों को भी आवागमन में राहत मिली है।
खंड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी स्कूल खुले हैं। शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं।
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स्टेट हाईवे बहसूमा-ठाकुरद्वारा पर इस बरसात के मौसम में चौथी बार सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट सड़क का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया था। सड़क में बनी खाई पर ग्रामीणों ने लोहे की जाली डालकर अस्थायी पुल बनाया था। पहले इस पुल से पैदल और बाइक सवार ही निकल रहे थे। बुधवार को पानी कम होने पर ग्रामीणों ने पुल को और बढ़ाकर कार व भैंसा बुग्गी के आवागमन के लायक बना दिया। जुगाड़ के पुल से कार चालक अपने वाहन निकाल रहे हैं। वहीं कुछ कार चालक जोखिम से बचने के लिए अपनी कार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ाकर पानी के पार ले जा रहे हैं। पांडवनगर पुलिस चौकी और नारनौर के बीच पानी कम होने से बाइक सवार भी थोड़ी मुश्किल के साथ आवागमन कर रहे हैं।
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नारनौर और पांडवनगर पुलिस चौकी के बीच पानी कम होने से दत्तियाना, जमालुद्दीनपुर का खेड़ा, मुजफ्फरपुर खादर, सियाली और सुजातपुर खादर समेत कई गांवों के ग्रामीणों को राहत मिली है। वहीं रायपुर खादर, जलालपुर खादर और मीरापुर सीकरी के रास्तों पर भी पानी कम होने के बाद ग्रामीणों ने बाइक से आवागमन शुरू कर दिया है।
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एसडीएम प्रशांत वर्मा ने बताया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग मेरठ के अंतर्गत है। मरम्मत के लिए उन्हें बोला हुआ है। स्थिति को देखकर सुरक्षात्मक और अस्थायी व्यवस्था जल्दी कराएंगे।
पांच दिन बाद स्कूली वाहनों का आवागमन शुरू, बच्चों ने जाना शुरू किया स्कूल
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
जलीलपुर। बाढ़ प्रभावित गंगा खादर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन पानी घटने से ग्रामीणों को राहत मिली है। बुधवार को कई गांवों से बाइक का आवागमन शुरू हो गया। वहीं पांच दिन बाद स्कूली वाहनों का संचालन शुरू होने पर गांवों से बाहर पढ़ने वाले बच्चे भी स्कूल पहुंच सके।
गंगा खादर क्षेत्र में दो सितंबर की रात से बाढ़ का पानी आना शुरू हुआ था। तीन सितंबर से गांवों के रास्तों और स्टेट हाईवे पर पानी बहने के कारण शुक्रवार से बाहर पढ़ने वाले बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया था। पिछले दो दिनों से लगातार पानी कम होने के बाद बुधवार को दत्तियाना, मुजफ्फरपुर खादर, जमालुद्दीनपुर, सलेमपुर खादर और मीरापुर सीकरी आदि गांवों से स्कूली वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। हालांकि, कुछ विद्यालय परिसरों में अब भी पानी भरा हुआ है। दत्तियाना के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के मैदान में पानी फैला है, जबकि रायपुर खादर के कंपोजिट विद्यालय के बाहर भी पानी जमा है। इसके बावजूद दोनों विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। बाढ़ प्रभावित सियाली, सुजातपुर खादर और मुजफ्फरपुर खादर के राजकीय विद्यालयों में पानी नहीं भरा है। पानी कम होने से ग्रामीणों के साथ विद्यार्थियों को भी आवागमन में राहत मिली है।
खंड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी स्कूल खुले हैं। शिक्षक स्कूल पहुंच रहे हैं।

जलीलपुर में पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट क्षतिग्रस्त सड़क पर बने जुगाड़ के पुल से पार होती कार