बिजनौर के गांव धौकलपुर में चाचा-भतीजे की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार हत्या करने की सारी पटकथा ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान आरोपी सशस्त्र सीमा बल के जवान नितिन ने लिखी थी। एक माह से ज्यादा समय तक वह गांव में रहा और हत्या का ताना बाना बुनता रहा। नितिन का मकसद अपने पिता की हत्या का बदला लेना था। इसी कारण से वह गांव आया था। हत्या के लिए उसने अपने दोनों भाइयों को पहले ही तैयार कर लिया था।
नितिन बिहार के दानापुर में सशस्त्र सीमा बल में तैनात है। एक माह पहले वह छुट्टी पर गांव आया था। अपनी मां केलो देवी को चुनाव के लिए तैयार किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नितिन अपनी मां को चुनाव लड़ाने नहीं आया था, बल्कि पिता की हत्या का बदला लेने के लिए आया था। इसके लिए उसने अपने छोटे भाई कृष्णा कुमार व अनुज को तैयार किया।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
गांव में चुनाव के दौरान नितिन हर किसी के पैर छूता घूम रहा था। किसी को इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि उसके मन में क्या चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, चुनाव के तीन दिन पहले नितिन ने अपनी मां को चुनाव से अलग करके बैठा दिया था। अगर नितिन को अपनी मां को ग्राम प्रधान बनाना होता तो वह चुनाव से तीन दिन पहले क्यों अलग करता। छह मई को नितिन अपने भाइयों को हत्या की जिम्मेदारी देकर गांव से नौकरी पर चला गया।
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विलाप करते परिजन।
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इसके बाद छोटा भाई अनुज और कृष्णा शिक्षक धीर सिंह व उसके भतीजे अंकुर की हत्या करने की फिराक में लग गए, पर उन्हें मौका नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक, पांच मई को अनुज हत्या के लिए एक सैकेंड हैंड कार खरीदना चाहता था। एक मिस्त्री के पास कार खरीदने गया। मिस्त्री ने कार के 95 हजार रुपये मांगे पर अनुज 70 हजार से ज्यादा देने को राजी नहीं हुआ।
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बिजनौर में चाचा-भतीजे की हत्या का मामला।
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इसके बाद अनुज दूसरी कार की तलाश में जुट गया। पुलिस को शक है कि धीर सिंह व उसके भतीजे अंकुर की हत्या करने के लिए अनुज ने कार खरीदी या किसी दोस्त की कार ली है। पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। कार से दोनों की हत्या को अंजाम दिया गया।
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घटना के बाद मौके पर जमा हुई भीड़।
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गांव के पास चार दिन से घूम रही थी कार
धीर सिंह व उसके भतीजे अंकुर की हत्या में जो कार इस्तेमाल हुई वह गांव के आसपास पिछले चार दिनों से घूम रही थी। कार में कौन लोग सवार थे ये किसी को नहीं पता। इस बात की पुलिस को जानकारी मिली है कि हत्या के वक्त कार में अनुज और कृष्णा दोनों सवार थे। बाकी अन्य लोग उनके साथ थे।