सरकारी स्कूलों में युवा शिक्षकों की भर्ती हुई तो पढ़ाई के तरीके भी बदल गए। बिजनौर में किरतपुर ब्लॉक के सिसौना जट्ट प्राइमरी विद्यालय की सहायक अध्यापिका अल्पना की कल्पना से तैयार पढ़ाई का सूत्र जब ब्लैक बोर्ड तक पहुंचा तो दुनिया सलाम करने लगी। अल्पना ने बच्चों को नए तरीके से पढ़ाते हुए वीडियो, फोटो सोशल मीडिया पर डाले तो भारत, पाकिस्तान, नेपाल, सऊदी अरब, श्रीलंका, फिलीपिंस सहित कई देशों तक ये वीडियो पहुंच गई। एक के बाद एक अल्पना के फॉलोवर बढ़कर 83 हजार तक पहुंच गए।
दुनिया में छाए पढ़ाई के अनोखे टिप्स: शिक्षिका अल्पना को हर कोई कर रहा सलाम, सोशल मीडिया पर भी कमाया बड़ा नाम
कहानी व नाटक के माध्यम से कराती हैं याद
शिक्षिका अल्पना ने बताया कि वह कक्षा के छात्र-छात्राओं को टीएलएम के माध्यम से वर्णमाला, चार्ट आदि से गिनती व अक्षर का ज्ञान कराती हैं। कहानी व नाटक के माध्यम से छात्रों को सरल और रोचक तरीके से कविता पढ़ाती हैं। छात्र अभिनय के साथ रोज कुछ नई चीज सीखते हैं। छात्र भी पढ़ाई में अच्छे हैं। किरतपुर ब्लॉक के वरिष्ठ नवाचारी विज्ञान शिक्षक गुलशन गुप्ता ने सहायक अध्यापिका अल्पना के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उनके तरीकों को देखकर छात्र बड़े मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। वह सही अर्थों में गुरु का उत्तरदायित्व निभा रही हैं। फेसबुक पर उनके नवाचार के साथ वीडियो को अभिभावक व शिक्षक लाइक कर रहे हैं। उनके कार्य अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक हैं।
जयदीप ने पढ़ाई के साथ खेलों में तरासे विद्यार्थी
उच्च प्राथमिक विद्यालय भोजपुर भोपतपुर विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयदीप मलिक छात्रों को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत कर रहे हैं। कक्ष में प्रोजेक्टर से पढ़ाई करा रहे हैं। कंप्यूटर शिक्षा भी छात्रों को दी जा रही है। इसके लिए विद्यालय में तीन कंप्यूटर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा परिसर में खेलकूद की विशेष सुविधाओं को जुटाया गया है। इंडोर गेम में टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम, आउटडोर गेम में बैडमिंटन, खो खो, कबड्डी, वॉलीबाल, ऊंची कूद, लंबी कूद, चक्का फेंक, गोला फेंक इत्यादि हैं। खेल अनुदेशक की देखरेख में विद्यार्थी प्रतिदिन प्रैक्टिस करते हैं। उनके छात्रों ने मंडल स्तर तक मेडल जीते हैं।
प्रियंका ने मोहल्ला क्लास से जगा रखी शिक्षा की अलख
प्राथमिक विद्यालय बेगराजपुर की इंचार्ज अध्यापिका प्रियंका रानी ने नवाचार के माध्यम से विद्यालय में शिक्षा का अच्छा माहौल तैयार किया। इसी का परिणाम है कि चार सालों में छात्र संख्या 76 से बढ़कर 150 कर दी। विद्यालय में जगह कम होने के चलते प्रधान की सहमति से पंचायत भवन के परिसर को प्रार्थना सभा के लिए उपयोग किया जाता है। बच्चे पढ़ाई के साथ खेलों में नाम कमा रहे हैं। वह पढ़ाई के साथ छात्राओं को कला, रंगोली आदि में परिपक्व हैं। छात्राएं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन, रंगोली, कला आदि में अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। कोरोनाकाल में भी वह मोहल्ला कक्षाओं का संचालन कर छात्रों को पढ़ाती रहीं।
गुलशन गुप्ता की स्मार्ट पाठशाला से स्मार्ट बन रहे छात्र
जूनियर हाईस्कूल हकीकतपुर प्रयाग के प्रधानाध्यापक गुलशन गुप्ता की नवाचारों, सुंदरीकरण और जनसहयोग से उपलब्ध संसाधनों के संदर्भ में एक विशेष पहचान रखते हैं। विद्यालय में बिना सरकारी मदद के कंप्यूटर क्लासेज संचालन, विद्यालय में कैमरे, स्मार्ट कक्ष, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं है। छात्र रोजाना स्कूल में स्मार्ट यूनिफॉर्म में आते हैं। विद्यालय में कई किलोमीटर दूर के अनेक गांवों के छात्र भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनके छात्र विभिन्न विज्ञान कार्यक्रमों में जिले से मंडल स्तर तक का पुरस्कार ले चुके हैं।