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Bijnor: तंजील हत्याकांड से सुर्खियों में आया था मुनीर, दो मिनट में कीं दो हत्या, NIA अफसर के शरीर पर थे 33 घाव

Tue, 22 Nov 2022 03:43 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 22 Nov 2022 03:43 PM IST
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Bijnor: Munir came into limelight after NIA officer Tanzil ahmed murder case, died in jail
बदमाश मुनीर - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में बीमारी के चलते दम तोड़ देने वाला मुनीर सलाखों के अंदर जाने से पहले बेहद कुख्यात अपराधी रहा है। मुनीर ने छह साल पहले एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या को दो मिनट में ही अंजाम दे डाला था। यह हत्याकांड इतना गर्माया था कि जांच के लिए तीन आईजी लगाए गए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी अपने स्तर से जांच की थी।


दो अप्रैल 2016 की रात मुनीर ने अपने साथी रैय्यान के साथ मिलकर कार में सवार तंजील और उनकी पत्नी फरजाना पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। गोली भी एक दो नहीं बल्कि दर्जनों राउंड फायर किए गए। तंजील के शरीर में गोली लगने और निकलने के 33 घाव बने और उनकी पत्नी फरजाना के शरीर में भी 6 घाव थे। इस हत्याकांड को सिर्फ दो मिनट में ही अंजाम दे डाला था। दोहरे हत्याकांड को इस तरीके से अंजाम दिया गया था कि कई दिनों तक पुलिस और जांच एजेंसियां भी उलझी रहीं। 

रैय्यान के डर ने खोल दिया था राज
पुलिस कुछ समझ ही नहीं पा रही थी। इसी बीच मुनीर के साथी रैय्यान के डर की वजह से हत्याकांड की परत खुल गई थी। उस वक्त रैय्यान एक दुकान पर सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कराने पहुंच गया था। यह बात दुकानदार ने पुलिस को बताई तो रैय्यान को दबोच लिया गया था। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए मुनीर चार पिस्टल लेकर पहुंचा था। दो पिस्टल रैय्यान को देकर बाइक पर बैठा लिया था। इतना ही नहीं रैय्यान को अपनी शर्ट भी पहना दी थी। मुनीर ने रैय्यान से यह भी तस्दीक किया था कि क्या शादी में तंजील आया है।

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फांसी की सजा सुनकर मुनीर के चेहरे पर नहीं दिखा था खौफ
21 मई को अदालत ने मुनीर और रैय्यान को फांसी की सजा सुनाई, लेकिन मुनीर पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा था। उसके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी, जबकि रैय्यान के हाथ फैसले की कॉपी पर हस्ताक्षर करते हुए कांप गए थे।
Bijnor: Munir came into limelight after NIA officer Tanzil ahmed murder case, died in jail
मुनीर को जेल ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के 73 महीने बाद कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। केस की सुनवाई में 159 तारीख लगीं, जबकि 19 गवाही से यह केस निर्णय तक पहुंचा। केस में 52 हाजिरी तारीख और 107 साक्ष्य हाजिरी तारीख लगी थीं। हालांकि केस में 44 गवाह बनाए गए थे, जिनमें केवल 19 ने ही गवाही दी। फांसी की सजा सुनाए जाने तक केस पूरा होने की प्रक्रिया में छह साल एक महीना और 18 दिन का वक्त लगा था। ताज्जुब की बात यह रही थी कि जब फांसी सुनाए जाने के बाद मुनीर को वज्र वाहन में बैठाया गया था तो उसके चेहरे पर मुस्कान बनी रही, जबकि रैय्यान के हाथ उस वक्त कांप गए थे जब फैसले की कॉपी पर हस्ताक्षर कराए गए थे।
Bijnor: Munir came into limelight after NIA officer Tanzil ahmed murder case, died in jail
मुनीर - फोटो : amar ujala
इस बीमारी से ग्रस्त था मुनीर
मुनीर लंबे समय से जीबी सिंड्रोम से ग्रसित था। जीबी सिंड्रोम यानी गुलियन बेरी सिंड्रोम में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इससे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है और हाथ व पैरों में झनझनाहट होने लगती है। समय के साथ गुलियन बेरी सिंड्रोम पूरे शरीर में फैल जाता है। धीरे धीरे पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो जाता है।
 
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मुनीर की दादी - फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले ही मुनीर के पास पहुंच गई थी मां और बहन
एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना के हत्यारे मुनीर की सोनभद्र जेल में बीमारी के चलते मौत हो गई। वह पांच दिन पूर्व किडनी में हुए संक्रमण से बीमार चल रहा था। मुनीर की मां व उसकी बहन दो दिन से बनारस में उसके पास ही थीं। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम आदि कार्र्रवाई के बाद ही मुनीर का शव सोमवार देर रात तक सहसपुर पहुंचने की उम्मीद हैं। 
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मुनीर के परिजन - फोटो : अमर उजाला
देश भर की सुर्खियां बना था तंजली अहमद हत्याकांड
दोहरे हत्याकांड में फांसी की सजा पा चुका मुनीर अहमद पुत्र महताब निवासी मोहल्ला मोलवियान सहसपुर का रहने वाला था। उसने छह साल पहले स्योहारा में शादी समारोह से लौटते समय एनआईए अफसर तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी थी। तंजील अहमद अपनी भांजी की शादी से लौट रहे थे। तंजील खुद कार चला रहे थे, पत्नी फरजाना उनके बराबर वाली सीट पर बैठी थीं। जबकि दोनों बच्चे पिछली सीट पर बैठे हुए थे।
 
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