नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना के हत्यारे मुनीर की सोमवार को वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में मौत हो गई। वह जीबी सिंड्रोम से ग्रसित था। सहसपुर निवासी मुनीर पर 33 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। दुर्दांत अपराधी मुनीर का शव मंगलवार की दोपहर 2:55 बजे उसके घर सहसपुर पहुंचा। मुनीर के शव आने के इंतजार में वैसे तो सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शव पहुंचने पर मौजूद भीड़ बस आखिरी बार उसकी शक्ल देखना चाहती थी। सहसपुर के अधिकांश लोग मुनीर को जानते तक नहीं थे। तंजील हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आया मुनीर घटना के बाद से ही जेल में बंद था। परिजनों के अनुसार सहसपुर स्थित कब्रिस्तान में ही शव सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
क्या है जीबी सिंड्रोम
गुलियन बेरी सिंड्रोम में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इससे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है और हाथ व पैरों में झनझनाहट होने लगती है। समय के साथ गुलियन बेरी सिंड्रोम पूरे शरीर में फैल जाता है। धीरे धीरे पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो जाता है।
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आरोपी मुनीर को ले जाती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए 21 मई को बिजनौर के एडीजे कोर्ट ने मुनीर और उसके साथी रैय्यान को फांसी की सजा सुनाई थी। स्योहारा में दो अप्रैल 2016 को तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या कर दी गई थी। इनके बेटे शाहबाज और बेटी जिमनिश ने कार की सीट के नीचे घुसकर अपनी जान बचाई थी। पठानकोट हमले की जांच टीम में शामिल तंजील शादी में शामिल होने बिजनौर आए थे।
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मुनीर
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फांसी की सजा के बाद से मुनीर को सोनभद्र जिला जेल में रखा जा रहा था। 17 नवंबर को तबीयत खराब होने पर पहले जिला अस्पताल और फिर बीएचयू में भर्ती कराया गया। सोमवार सुबह 9:35 बजे उसकी मौत हो गई। मुनीर को फांसी और मौत में 21 तारीख का भी एक संयोग रहा। 21 मई को उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी, जबकि मौत नवंबर की 21 तारीख को हो गई।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड
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लूट और हत्या से था पुराना नाता
मुनीर ने 29 नवंबर 2014 को दिल्ली में कैश वैन सेे डेढ़ करोड़ रुपये लूटने के साथ गार्ड की हत्या कर दी थी। 2013 में उसने अलीगढ़ में एक ठेकेदार को गोली मारकर रिवॉल्वर और 2014 में अलीगढ़ में जीआरपी के सिपाही को गोली मारकर पिस्टल छीनी थी। उसने धामपुर में गार्ड को गोली मारकर वैन से 91 लाख रुपये भी लूटे थे।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड
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पुलिस रिकाॅर्ड की मानें तो मुनीर के खिलाफ पहला मुकदमा साल 2013 में अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना में दर्ज हुआ था। इसके बाद दिल्ली के जामिया नगर में लूट का मुकदमा भी साल 2013 में ही लिखा गया। इसी साल अलीगढ़ में दो और मुकदमे हुए। साल 2014 में दस मुकदमे मुनीर के खिलाफ अलीगढ़ और दिल्ली में दर्ज हुए। दिल्ली के जाफराबाद में साल 2014 में ही लूट और हत्या का केस हुआ। दिल्ली के रुपनगर थाने में भी इसी साल एक और हत्या का केस मुनीर के खिलाफ लिखा गया। दिल्ली के बाद अलीगढ़ में भी साल 2014 में हत्या का केस दर्ज हुआ। लखनऊ में भी एक हत्या समेत दो केस मुनीर के खिलाफ दर्ज थे।