जैसे-जैसे खो-खो की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी की हत्या की जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। वारदात के वक्त वह किसी परिचित से फोन पर बात कर रही थी। इस दौरान किसी के दबोचने पर वह चिल्लाई, अंकल मुझे छोड़ दो... मैं मर जाऊंगी... परिचित ने किसी अनहोनी की आशंका पर रिकार्डिंग शुरू कर दी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसके बाद फोन गिर गया लेकिन रिकार्डिंग चालू रही, उसमें बिटिया के हत्यारोपियों से किए जा रहे संघर्ष के दौरान कही जा रही बातें रिकॉर्ड हुई है।
खौफनाक: प्लीज अंकल मुझे छोड़ दो... मैं मर जाऊंगी, रिकॉर्ड हुई बिटिया की आखिरी सांसें, खूब चिल्लाई पर बच न पाई, तस्वीरें
इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ऑडियो में जब बिटिया खुद के मर जाने की बात कह रही है तो हत्यारा उसका गला दुपट्टे से घोंट रहा था। परिजनों को बिटिया के शव के गले में दुपट्टा लिपटा मिला था। ऑडियो में आवाज धीमी है, इससे लग रहा है कि मोबाइल दूर कहीं गिरा हुआ था और कॉल चल रही थी। ऑडियो के बीच में कुछ गाली-गलौज भी है। पुलिस ऑडियो में किसी नाम के होने का जिक्र तो नहीं कर रही, लेकिन ऑडियो से पहले बिटिया ने किसे अंकल कहा, उस शख्स को ढूंढ रही है।
बोला युवक, खिलाड़ी की चप्पल मिली तो अनहोनी की आशंका हुई
बिटिया जिस परिचित युवक से बात कर रही थी, उसने सबसे पहले मोहल्ले के और घटना स्थल के नजदीक रह रहे अपने मित्र को फोन किया और उसे बताया कि उसकी परिचित खिलाड़ी के साथ शायद अनहोनी हो गई है। वह उसे आसपास जाकर देख ले कि हुआ क्या है। रविवार को युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि घर में पूजा चल रही थी और वह एक कमरे में लेटा हुआ था। शुरू में जब उसके दोस्त की कॉल आई तो उसने बाहर जाने से इनकार किया। फिर उसके दोस्त ने फोन करके बताया कि यार वह अंकल मुझे छोड़ दो, अंकल मैं मर जाऊंगी बोल रही थी। उसने रिकॉडिंग भेजकर कहा कि वह किसी मुसीबत में है। उसने थोड़ी ही रिकॉर्डिंग सुनी तो मामला गंभीर लगा। सबसे पहले छत से देखा, कुछ नहीं दिखा तो स्लीपर के बीच से जाकर फाटक तक उसे देखकर आया।
इसके बाद वह स्लीपर के ऊपर चढ़कर तलाश करने लगा। इसी बीच उसे बिटिया की ताई नजर आई तो उसने उनसे आशंका जताई। दोनों ने मिलकर देखा तो पहले चप्पल दिखीं। जिसे देखकर वह अनहोनी होना समझ गए। फिर पास में ही वह पड़ी हुई थी। उसके डिग्री, अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र बिखरे पड़े थे। उसके गले में दुपट्टा लिपटा हुआ था। और देखते ही देखते पूरा परिवार एकत्रित हो गया। परिजनों ने बताया कि वह इंटरव्यू देने गई थी तो उसके पास कुछ रुपये थे। वह कितने थे, यह तो नहीं पता, लेकिन जब घटना स्थल पर देखा तो उसके बैग और पर्स में एक या दो रुपये के सिक्के ही पड़े थे। लग रहा है हत्यारे मोबाइल के साथ-साथ रुपये भी लेकर भाग गए।
एक अस्पताल ने देखने से कर दिया था इनकार
परिजन जब बिटिया के पास पहुंचे थे तो उन्होंने उसके गले से दुपट्टा खोला। दुपट्टा रस्सी की तरह ऐंठा गया था और उसी से गला घोंटा था। युवती को सबसे पहले ढूंढने निकला युवक ही बाइक से उसे किरतपुर रोड स्थित एक अस्पताल ले गया। उसके साथ बिटिया के परिवार से भी सदस्य मौजूद थे। परिजनों और युवक ने बताया कि सबसे पहले जिस अस्पताल पर पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ ने बिटिया को देखने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद वह आगे बढ़े और सिविल लाइन स्थित दूसरे प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे देखा और मृत घोषित कर दिया।