मध्य प्रदेश के आगर से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद विधायक विजय मिश्र रविवार को दोपहर तीन बजे जिले में पहुंचे। इस दौरान उनके पीछे आ रहे समर्थकों 3 सौ वाहनों के काफिले को ऊंज सीमा पर ही पुलिस ने रोक लिया। इसे लेकर पुलिस और समर्थकों में नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने लाठी पीटकर लोगों को वहां से भगाया।
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कोर्ट में वकील और परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
एक सप्ताह पूर्व ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के रिश्तेदार कृष्ण मोहन तिवारी ने विधायक, उनकी पत्नी एमएलसी रामलली और बेटे विष्णु मिश्र के खिलाफ संपत्ति कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। महीने भर के अंदर विधायक पर गुंडा एक्ट समेत तीन मुकदमे दर्ज किए गए। उसके बाद से ही सभी फरार चल रहे थे। तीन दिन पूर्व मध्य प्रदेश के आगर में जिला पुलिस के आग्रह पर विधायक को रोका गया।
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कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था
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शनिवार को सुबह 10 बजे के करीब जिले की पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर रवाना हुई। आगर से विधायक के साथ बड़ी संख्या में समर्थक अपने वाहनों से पीछे-पीछे चल रहे थे। रविवार को दोपहर करीब दो बजे ऊंज सीमा पर सभी समर्थकों को रोक दिया गया। इसको लेकर समर्थक नाराज हो गए और बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो समर्थक दूसरे लिंक मार्गों से निकलने लगे।
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कोर्ट में तैनात पुलिस।
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जिले की सीमा में आने के बाद सीएचसी गोपीगंज में विधायक को कोविड-19 जांच के लिए सीएचसी ले जाया गया। वहां विधायक जांच के लिए तैयार नहीं थे। कहा कि जब तक उनके भाई या घर का कोई सदस्य नहीं आ जाता, वह जांच नहीं कराएंगे। इस दौरान भी सीएचसी के बाहर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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कोर्ट परिसर में चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था
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ज्ञानपुर सीजेएम कोर्ट परिसर से लेकर जिला पंचायत कार्यालय तक समर्थकों की भीड़ रही। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा के मद्देनजर सीजेएम कोर्ट छावनी में तब्दील रहा। अपर पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा, एसडीएम ज्ञानपुर ज्ञान प्रकाश यादव समेत बड़ी संख्या में पुलिस-पीएसी के जवान मौजूद रहे।