बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से नौ दिन पहले लापता हुए युवक व किशोरी के शव उनके गांव से दूर गन्ने के खेत में सोमवार को पेड़ पर एक ही रस्सी से लटके मिले। दोनों शव आपस में लिपटे हुए थे और सड़ चुके थे।
इस वजह से पोस्टमॉर्टम में मौत की सही वजह पता नहीं चल सकी। न तो आत्महत्या की पुष्टि हुई, न ही हत्या के संकेत मिले। दोनों शवों का विसरा सुरक्षित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी किशोरी व युवक 27 सितंबर को लापता हो गए थे।
किशोरी के भाई ने 28 सितंबर को युवक व उसके दो भाइयों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार सुबह दोनों के शव मिले तो मृत युवक के भाई ने किशोरी के परिजनों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। एसपी दक्षिणी ने भी घटनास्थल की जांच की।
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फंदे से लटके प्रेमी युगल के शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उम्र का रोड़ा, बदनामी और रिश्तों की कश्मकश में चुन ली मौत
कच्ची उम्र का रोड़ा, प्रेम प्रसंग की चर्चा से हो रही बदनामी और भाई-बहन के रिश्ते की कश्मकश से परेशान युगल ने मौत का रास्ता चुन लिया। गांव में चल रही चर्चा के मुताबिक दोनों को पता था कि वे कभी एक नहीं हो पाएंगे, इसलिए साथ मरने का फैसला ले लिया। गांव में आसपास रहने वाले 20 वर्षीय युवक व 16 वर्षीय किशोरी काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। दरअसल, दोनों की दादी बहनें लगती थीं तो दोनों के पिता आपस में मौसेरे भाई हैं। ऐसे में जब ये दोनों आपस में भाई-बहन हुए।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
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इस वजह से उनकी शादी होने के आसार नहीं थे। ग्रामीणों में चर्चा रही कि दोनों को अहसास हो गया था कि वे कभी एक नहीं हो सकते। दोनों के परिजन भी इस रिश्ते के खिलाफ थे। ऐसे में अगर वे साथ में कहीं भागते तो रिपोर्ट दर्ज होने की स्थिति में युवक का जेल जाना तय था। इसीलिए दोनों ने साथ मरने का रास्ता चुन लिया। 27 सितंबर को दोनों एक-दूसरे से मिलने जंगल की ओर गए। उसके बाद वे नहीं लौटे। इस बीच गांव में शोर मच गया कि किशोरी को युवक अगवा कर ले गया है। किशोरी के परिजनों ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उसकी उम्र 13 साल ही दिखाई थी।
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परिजनों से पूछताछ करते पुलिस अफसर
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गांव के पास लटकते रहे शव, पुलिस नहीं कर सकी तलाश
पुलिस का नेटवर्क किस तरह सर्विलांस और सीसी कैमरों पर निर्भर हो गया है, इसका ज्वलंत उदाहरण यह मामला है। दोनों के लापता होने के दूसरे ही दिन किशोरी के भाई ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने शुरू में ही इसे प्रेम प्रसंग का मामला मानकर तलाश में रुचि नहीं ली। चूंकि दोनों के ही पास मोबाइल नहीं थे तो पुलिस ने इसमें मजबूरी भी जता दी।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में भी सीसी कैमरे नहीं हैं, इसलिए तलाश के लिए जरूरी तकनीकी मदद पुलिस को नहीं मिल सकी। तब पुलिस ने परिवार को खुद ही तलाश करने की सलाह दी। एसपी दक्षिणी के मुताबिक पुलिस ने शाहजहांपुर में एक रिश्तेदारी में भी जाकर इनकी तलाश की, लेकिन पता नहीं लगा। बताते हैं कि शवों से जब भीषण दुर्गंध उठने लगी तो किसी किसान ने उधर जाकर देखा और शवों को तलाशा जा सका।