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Badaun Brothers Died: कोने में खड़ी थी कार, एक तरफ पर्दा दूसरी तरफ दीवार, भीषण गर्मी में ऐसा हो गया था शवों का हाल
Tue, 14 Jun 2022 01:21 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 14 Jun 2022 01:21 PM IST
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cousins brothers died
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं के सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव भवानीपुर खैरू में सोमवार रात बड़ी घटना हो गई। गांव के दो मासूम बच्चों की कार में दम घुटने से मौत हो गई। देर रात उनके शवों को कार से निकाला जा सका। ग्राम भवानीपुर खैरू निवासी राशिद की ससुराल गांव में ही है। सोमवार को राशिद की पत्नी अपने पांच साल के बेटे अयान को लेकर सगे भाई खालिद के घर आई थी। परिवार वालों के मुताबिक दोपहर के समय अयान और खालिद का छह साल का बेटा स्वालीन खेलने निकल गए। इसी बीच दोनों बच्चे खालिद के दूसरे बहनोई असलम के घर पहुंच गए जहां टीन शेड में असलम की स्कॉर्पियो खड़ी थी। बताया जाता है कि बच्चे किसी तरह उस में घुस गए और उन्होंने कार का दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक दोनों बच्चे वापस नहीं लौटे तो परिवार वालों को चिंता हुई और उन्होंने उन्हें तलाशना करना शुरू किया। रात दस बजे तक उन्हें तलाश किया जाता रहा लेकिन बच्चों का कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान अचानक परिवार वालों की नजर टीन शेड में खड़ी कार पर गई। परिजन ने उसे खोलकर देखा तो दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।
मासूम का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
नौ घंटे कार में बंद रहे बच्चे, नीले पड़े शव, मल तक बाहर आया
आपको बता दें कि गांव भवानीपुर खैरू में दोनों बच्चे करीब नौ घंटे तक कार में बंद रहे। भीषण गर्मी में उनके शवों तक की हालत बिगड़ गई। दोनों बच्चों के शव नीले पड़ गए थे और उनका मल तक बाहर आ गया था। कार में बंद ममेरे-फुफेरे भाइयों को न देख पाने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि कार एक कोने में टीन शेड के अंदर खड़ी थी।
आपको बता दें कि गांव भवानीपुर खैरू में दोनों बच्चे करीब नौ घंटे तक कार में बंद रहे। भीषण गर्मी में उनके शवों तक की हालत बिगड़ गई। दोनों बच्चों के शव नीले पड़ गए थे और उनका मल तक बाहर आ गया था। कार में बंद ममेरे-फुफेरे भाइयों को न देख पाने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि कार एक कोने में टीन शेड के अंदर खड़ी थी।
गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
कार के एक ओर दीवार थी तो दूसरी ओर पर्दा पड़ा था। इससे परिवार वालों की नजर उस पर नहीं पड़ी। दोनों परिवार वालों ने बच्चों को तलाश करने के लिए मस्जिद में जाकर एनाउंसमेंट कराया। गांव में घर-घर जाकर बच्चों को तलाश किया लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
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इसी कार में दम घुटने से हुई बच्चों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
रात में अचानक असलम की बेटी इकरा की नजरे कार पर पड़ी तो उसे शीशे में एक बच्चे का हाथ दिखाई दे गया था। तब उसने शोर मचाकर परिवार वालों को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद परिजन बेसुध हो गए हैं। उन्हें अब भी यह समझ नहीं आ रहा है कि बच्चे गाड़ी के अंदर पहुंचे कैसे। हालांकि उन्होंने किसी पर इसका शक नहीं जताया है।
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इसी कार में दम घुटने से हुई बच्चों की मौत
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल भी हो चुकी है ऐसी घटना
मई 2021 में अलापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले साजिद अपने बहनोई कैसर अली की बेटी की शादी में दातागंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला परा में आए हुए थे। इसी दौरान साजिद और उसके भाई राशिद के बच्चे किसी तरह से एसयूवी की चाबी ले आए और गाना सुनने के लिए गाड़ी के अंदर बैठ गए। कुछ ही समय बाद गाड़ी में लॉक लग गया।
मई 2021 में अलापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले साजिद अपने बहनोई कैसर अली की बेटी की शादी में दातागंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला परा में आए हुए थे। इसी दौरान साजिद और उसके भाई राशिद के बच्चे किसी तरह से एसयूवी की चाबी ले आए और गाना सुनने के लिए गाड़ी के अंदर बैठ गए। कुछ ही समय बाद गाड़ी में लॉक लग गया।