बरेली में कटरी तिहरे हत्याकांड के आरोपी सुरेश पाल सिंह तोमर उर्फ सुरेश प्रधान समेत तीन आरोपियों को रविवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। सुरेश प्रधान को शहर के निजी अस्पताल से गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है। शुक्रवार को फरीदपुर थाने में सरेंडर करने वाले सुरेश के भतीजे अजीत सिंह तोमर और एक अन्य आरोपी सुनील कुमार सिंह को भी जेल भेजा गया है।
बरेली कटरी कांड: सलाखों के पीछे पहुंचा सुरेश प्रधान, अब तक 22 आरोपियों को जेल भेज चुकी है पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तिहरे हत्याकांड में पुलिस अब तक दोनों पक्षों के 22 लोगों को जेल भेज चुकी है। इनमें सुरेश पक्ष के 19 और परमवीर पक्ष के छह लोग शामिल हैं। तिहरे हत्याकांड की योजना में सुरेश की मदद करने वाले आगरा के सुभाष पाठक और वीरेंद्र पाठक की अब भी तलाश चल रही है। हालांकि, इनकी ओर से सीजेएम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दी गई है। इस पर कोर्ट 31 जनवरी को सुनवाई करेगा।
बदायूं के कछला, बिनावर से बुलाए थे लोग
पुलिस पूछताछ में सुरेश ने स्वीकार किया है कि उसने बदायूं के कछला और बिनावर से लोगों को बुलाया था। उसने बताया कि नदी पार अपने परिवार की जमीन को परमवीर से कब्जा मुक्त कराने के लिए वह काफी पहले से योजना बना रहा था। 11 जनवरी को उसने कछला से गुल मोहम्मद, लुकमान, ओमवीर यादव, कल्लू गनर, मुनेंद्र सिंह, अभिषेक और बिनावर से ऋषिपाल को मय इनोवा गाड़ी के बुलाया था। उसके कुछ लोग पहले से नदी पार इंतजार कर रहे थे। उसने स्टीमर से अपने लोगों के साथ दो बार में नदी पार की। परमवीर के लोग गन्ना की फसल काट रहे थे। मना करने पर नहीं मानें बल्कि हमलावर हो गए। इस पर उसके पक्ष की ओर से भी फायरिंग दी गई।
चिह्नित जमीनों को अब कब्जा मुक्त कराने की तैयारी
शनिवार को तहसील फरीदपुर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम शिवाकान्त द्विवेदी ने जमीनों पर अवैध कब्जों को चिह्नित करने के लिए पैमाइश कराई थी। इस दौरान सुरेश के कब्जे में चार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन निकली। कुछ अन्य लोगों के भी जमीन पर कब्जे पाए गए हैं। तहसील प्रशासन अब इन जमीनों को कब्जा मुक्त करा कर जमीन के स्वामित्व वाले लोगों को सौंपने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, तमाम ऐसे लोग हैं जिनको जमीनों के पट्टे कई वर्ष पूर्व किए गए थे, लेकिन उनको अब तक कब्जा नहीं मिल सका है। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ उनको भूमाफिया भी घोषित किया जाएगा।