बरेली की पुलिस लाइन में 783 महिला रिक्रूटों को सिपाही का दर्जा मिला तो उनके अभिभावक भी झूम उठे। ज्यादातर रिक्रूट ग्रामीण इलाकों की रहीं। बेटियों की उपलब्धि पर किसान, मजदूर या इसी तरह के दूसरे काम करने वाले उनके माता-पिता भी खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। कई सिपाही बीसीए व अन्य डिग्री धारक हैं। कुछ ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्हें और परिजनों को ताने झेलने पड़े, हालांकि अब पूरे गांव को उन पर नाज है। सिपाहियों ने अपनी पगड़ी माता या पिता के सिर पर रखकर सेल्फी ली, फिर पगड़ी हवा में उछालकर खुशी जताई।
बेटियों ने बढ़ाई शान: पुलिस की वर्दी पहन माता-पिता को किया सैल्यूट, खुशी से खिले चेहरे; देखिए तस्वीरें
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Mon, 27 Apr 2026 01:48 PM IST
सार
बरेली में पासिंग आउट परेड के बाद 783 महिला रिक्रूट सिपाही बन गईं। इनमें किसी के पिता किसान हैं तो किसी के पिता मजदूर। बेटियों ने पुलिस की वर्दी पहनी तो माता-पिता के चेहरे खुशी से खिल गए। सिपाही बनीं कई महिला रिक्रूटों ने माता-पिता को पगड़ी पहनाकर उन्हें सैल्यूट किया।
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