बरेली में पार्सल ठेकेदार के भाई की हत्या की अहम वजह रोडवेज बसों में पार्सल लादने और उतारने में कुलियों की मनमानी पर रोक लगने को बताया जा रहा है। बुकिंग का सामान बसों में चढ़ाने-उतारने का काम ठेकेदार के कारिंदों को मिलने से कुलियों की आजीविका प्रभावित हो रही थी। इसको लेकर दोनों पक्षों में बीते दो माह में चार से पांच बार झगड़े हो चुके थे।
रोडवेज बसों में व्यापारी अपना माल कुलियों से रखवाते थे और परिचालक से अनुमानित वजन व आकार के हिसाब से टिकट बनवा लेते थे। इस व्यवस्था में कई बार यात्रियों को नफा-नुकसान खास नहीं होता था पर बसों के स्टाफ से लेकर कुलियों तक को ऊपरी आमदनी का रास्ता खुला रहता था। कई बार यात्री से समझौते के आधार पर माल का टिकट नहीं भी बनाया जाता था या मामूली बना दिया जाता था।
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एसएसपी ने किया मौका मुआयना
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन निगम ने जब इसके लिए नियमावली तय कर दी। यह काम ठेकेदारों के हवाले कर दिया। प्रतापगढ़ निवासी अतुल पांडेय को बरेली सेटेलाइट स्टैंड का ठेका मिला तो उनके बड़े भाई अनुज पांडेय भी उनके साथ आकर हाथ बंटाने लगे।
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इसी केबिन में हुई हत्या
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कुलियों का काम हो गया था लगभग ठप
रोडवेज बसों में सेटेलाइट से लदने वाले माल के पार्सल की पर्ची स्टैंड परिसर में बने ठेकेदार के काउंटर से कटने लगी। साथ ही ठेकेदार के ही चार मजदूर बसों में लदान की व्यवस्था करने लगे। तब से ही सेटेलाइट बस अड्डे पर पंजीकृत कुलियों का काम लगभग ठप सा हो गया था। नौबत यादव इनका नेता था, इसलिए ठेकेदारों से तकरार में वह हमेशा आगे रहता था। अब मामला हत्या तक जा पहुंचा।
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मौके पर जांच करती पुलिस
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दो फरवरी को हुई थी मारपीट
नौबत यादव के उकसावे पर कुली अक्सर अतुल और अनुज को परेशान कर रहे थे। कहासुनी अक्सर ही हो जाती थी। अतुल ने बताया कि दो फरवरी को कुछ कुलियों ने उन लोगों से मारपीट कर दी। झगड़े में उनके सिर से खून आ गया। उन्होंने बारादरी थाने जाकर तहरीर दी तो पुलिस ने उन्हें भी बैठा लिया और फिर शांतिभंग में चालान कर दिया।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
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इस झगड़े को लेकर बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय का कहना था कि ठेकेदार के लोगों और कुलियों में झगड़ा हुआ था। इसमें दोनों पक्ष के लोगों को चोट लगी थी। तब दोनों ही ओर से तहरीर दी गई थी। उन्होंने एक पक्ष से बिथरी के धारूपुर ठाकुरान निवासी रिजवान, नन्हे, शाजेब व कामदेव तो दूसरे पक्ष के अतुल पांडेय का शांतिभंगा में चालान कर दिया। दोनों ही पक्षों को मुचलका पाबंद किया गया था।