शाहजहांपुर में सनसनीखेज हत्याकांड हुआ। यहां जीजा ने अपनी साली की हत्या चाकू से ताबड़तोड़ वार करके कर दी। साली कोमल की हत्या की मुख्य वजह सात लाख रुपये का कर्ज माना जा रहा है। उसका जीजा अंशुल कर्ज न चुकाने के लिए अपने छोटे भाई की शादी उससे बिना दहेज के कराना चाहता था। साथ ही वह पूरी जायदाद हड़पना चाहता था। कोमल के राजी नहीं होने से उसके मंसूबे कामयाब नहीं हुए। पुलिस के अनुसार, करीब ढाई माह पहले उसने मेले से चाकू खरीदा था, तब से ही वह हत्या की साजिश रच रहा था। मंगलवार को जैसे ही उसे मौका मिला, उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
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छात्रा कोमल सक्सेना की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कोमल की हत्या के बाद जब वह बाहर निकला तो सास सामने आ गई। वह उन्हें बरगलाकर अंदर लाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उसके इरादे भांपकर वह शोर मचाती हुई वहां से चली गई। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह सास की भी हत्या करने आया था। कोमल के पिता की मौत हो चुकी है। इसके बाद उसकी ससुराल के लोग शादी के समय दिए गए सात लाख रुपये वापस करने का दबाव डाल रहे थे, क्योंकि उन्हें कोमल की शादी करनी थी।
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मौके पर जमा लोग
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जीजा अंशुल को मंगलवार को साढ़े 11 बजे कोमल के घर आने की जानकारी थी। वह आधे घंटे पहले ही गली के बाहर बैठ गया। वह जैकेट में चाकू छिपाकर लाया था। ट्यूशन पढ़ाकर लौटने के बाद कोमल घर के बेडरूम में अलमारी की तरफ चेहरा कर बैठ गई थी। तभी पीछे से आए अंशुल ने कोमल पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद वहशी बनकर उसने पहले गर्दन पर वार किया। पहला चाकू लगते ही कोमल ने प्रतिरोध किया, लेकिन वह बच नहीं सकी। लगातार गर्दन पर कई वार किए गए। बचने के लिए कोमल ने हाथ आगे किया, लेकिन वह लगातार चाकू मारता रहा।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कमरे के अंदर फैला था खून
घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर सदर सुरेंद्र पाल सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्हें कमरे के अंदर खून फैला मिला। सूचना पर एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सिटी प्रयांक जैन ने परिजनों से पूछताछ की। एसपी राजेश एस ने निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने कमरे व आसपास के क्षेत्र से नमूने जुटाए हैं।
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विलाप करते परिजन
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मां बिलख पड़ीं, भाई सुधबुध खो बैठा
कोमल की हत्या के बाद मां सविनय सक्सेना बिलख पड़ीं। मकान के दरवाजे पर रोते-बिलखते हुए वे दामाद को कोस रही थीं। वह बोलीं कि उनकी बेटी ने क्या बिगाड़ा था। वह भी हमेशा ही उसे बेटा मानती थीं। हमेशा ही लल्ला कहकर बुलाती थी। वहीं, बहन की मौत के बाद अंकुर भी सुधबुध खो बैठे।