बरेली में खुद को जीएसटी इंस्पेक्टर बताने वाले शहजाद अहमद को शुक्रवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शहजाद को पुलिस ने उसकी पत्नी की ओर से रिपोर्ट दर्ज करके पकड़ा था, तब से वह बीमारी के बहाने अस्पताल में भर्ती था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि शादी की खातिर इंस्पेक्टर बनने का नाटक कर रहा था, जब लोगों ने उसे सम्मान दिया तो उसने वर्दी नहीं छोड़ी और युवाओं को कोचिंग में बैच लगाकर पुलिस की तैयारी कराने लगा। आरोपी ने छापा मारने के लिए टीम भी बना रखी थी। वह हूटर लगी कार से चलता था। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह बिना टैक्स देकर टोल पार करता दिख रहा है। शहजाद की पोल खुली तो उसके परिचित भी हैरान हो गए।
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आरोपी शहजाद अहमद
- फोटो : सोशल मीडिया
पति ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
बारादरी थाने में पिछले दिनों हाफिजगंज कस्बा निवासी इकरा ने रिपोर्ट कराई थी कि पड़ोस के ही शहजाद अहमद ने जीएसटी इंस्पेक्टर बताकर निकाह किया था। जब शहजाद ड्यूटी पर नहीं गया तो उसे शक हुआ। इकरा के भाई ने जानकारी जुटाई तो पता लगा कि शहजाद फर्जी इंस्पेक्टर है। पुलिस ने उसे पकड़ा तो वह सीने में दर्द का बहाना बनाकर 300 बैड के अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस ने यहां पहुंचकर शहजाद को हिरासत में लिया। पुलिस ने उसके पास से दो फर्जी वर्दी, स्टार, सीटी, दो नेमप्लेट, पुलिस का लोगो, पी कैप, वर्दी वाला फोटो लगा आईकार्ड, पुलिस आईकार्ड और दो फर्जी आधार बरामद किए।
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आरोपी शहजाद
- फोटो : सोशल मीडिया
ससुरालवालों को चाहिए था नौकरी वाला दामाद
शहजाद ने पुलिस को बताया कि वह बरेली कॉलेज से बीकॉम कर चुका है। वह पड़ोसी इकरा से प्रेम करता था, लेकिन इकरा के घरवाले नौकरी वाला दामाद खोज रहे थे। तब उसने मुरादाबाद में रहकर यूट्यूब से सीजीएल/दरोगा भर्ती की तैयारी की, लेकिन चयन नहीं हुआ। भर्ती में शहजाद अंसारी नाम का युवक सफल हुआ था।
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आरोपी शहजाद अहमद
- फोटो : अमर उजाला
उसके नाम का फायदा उठाकर उसने फर्जी आधार कार्ड और जीएसटी इंस्पेक्टर का कार्ड बनवाया। यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर पुलिस का चाल चलन सीखा। सोशल मीडिया पर वर्दी में वीडियो अपलोड किए तो जगह-जगह आवभगत हुई और चैनलों पर साक्षात्कार हुआ। तब इकरा के घरवाले खुद उससे रिश्ता करने पहुंच गए। शादी के बाद जब वह नौकरी पर नहीं गया और आर्थिक तंगी हुई तो उसका भेद खुल गया।
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आरोपी शहजाद अहमद
- फोटो : सोशल मीडिया
छापा मारने के लिए बना रखी थी टीम
सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि शहजाद ने जीएसटी इंस्पेक्टर के फर्जी आईकार्ड पर असिस्टेंट कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर बनाए थे। शहजाद कार में पीकैप रखकर चलता था और टोल पर फर्जी आईकार्ड दिखाकर रौब से टोल बचाता था। शहजाद ने सोशल मीडिया पर ट्रकों की चेकिंग करते हुए और टीम के साथ दबिश मारते हुए फोटो व वीडियो भी डाले।