बरेली में आला हजरत उर्स के आखिरी दिन शनिवार को कुल की रस्म के लिए बड़ी संख्या में जायरीन इस्लामिया मैदान में जुटे। इस मौके पर आयोजित जलसे में देश-विदेश के नामवर उलमा ने मजहब-ए-इस्लाम, पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात, मसलक-ए-आला हजरत के मिशन पर रोशनी डाली। कारी यूसुफ रजा संभली ने कहा कि मुसलमान शरीयत के साथ मुल्क के प्रति भी वफादार रहें। गाना बजाना और डीजे से बचें। मुफ्ती अर्सलान रजा कादरी ने बरेलवी उलमा सुन्नी विचारधारा को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि जंग जब अपनों से हो तो हार जाना ही बेहतर है। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि पाकिस्तान के झंडे से मिलते-जुलते इंडे न लगाएं। सौहार्द के साथ देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि बरेली से दीन और सुन्नियत का नाता आला हजरत के दादा मुफ्ती रजा अली खान के वक्त से जारी है। मसलक-ए-आला हजरत जिंदा हकीकत का नाम है। अहले सुन्नत का पैगाम मोहब्बत है, उसे आम करो। बरेलवी उलमा सुन्नी विचारधारा को मजबूत करें।
Bareilly News: 'मिलादुन्नबी पर पाकिस्तानी ध्वज जैसे झंडे न लगाएं', उर्स में उलमा ने मुसलमानों से की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:33 AM IST
सार
आला हजरत उर्स के आखिरी दिन इस्लामिया मैदान में देश-विदेश के उलमा जुटे। उन्होंने देश के प्रति वफादारी, सौहार्द और सुन्नी विचारधारा को मजबूत करने का संदेश दिया। कारी यूसुफ रजा संभली ने शरीयत के साथ मुल्क के प्रति वफादारी पर जोर दिया। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने पाकिस्तान के झंडे से मिलते-जुलते झंडे न लगाने की अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन