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लालच में गई मां-बेटे की जान: पिता के नाम था बिक्री का लाइसेंस, बेटा चला रहा था अवैध पटाखा फैक्टरी; कब क्या हुआ
Tue, 02 Apr 2024 09:08 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 02 Apr 2024 09:08 AM IST
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Budaun case
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं के इस्लामनगर कस्बे में सोमवार को धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों और प्रतिष्ठानों में घर मौजूद लोगों की चीख निकल गई। डर के मारे वे बाहर आ गए। वहां नजारा भयावह था। पड़ोसी अख्तर का दो मंजिला मकान पूरी तरह से मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था।
budaun blast
- फोटो : अमर उजाला
अपने पिता असगर के लाइसेंस की आड़ में अख्तर ने घर में ही दुकान खोल ली थी। वह यहां न सिर्फ पटाखे बेचता था, बल्कि बनाने के लिए भी भारी मात्रा में बारूद भी रखता था। उसकी यह लापरवाही भारी पड़ गई।
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- फोटो : अमर उजाला
बिल्सी बदायूं मुख्य मार्ग स्थित इस्लामनगर के मोहाली मोहल्ले में आतिशबाज की दुकान चलाने वाले अख्तर ने लोगों गुमराह करने के लिए जीएसटी पंजीकरण का बोर्ड भी लगा रहा था। यही कारण रहा कि अफसरों की नजर भी इस अवैध दुकान पर नहीं गई। यहां अवैध धंधा पूरे पांच साल से चल रहा था।
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- फोटो : अमर उजाला
ये धमाका अफसरों की लापरवाही भी कर रहा उजागर
अग्निशमन अधिकारी यह तो मानते हैं कि एक साल से उसके पिता का लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ था, लेकिन अख्तर की दुकान कैसे चल रही थी, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। धमाके के बाद कई स्तर से जांच हो रही है।
अग्निशमन अधिकारी यह तो मानते हैं कि एक साल से उसके पिता का लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ था, लेकिन अख्तर की दुकान कैसे चल रही थी, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। धमाके के बाद कई स्तर से जांच हो रही है।
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हाथा मोहल्ले वाले मकान में हुआ था विस्फोट
करीब 10 साल पहले भी अख्तर के घर में धमाका हुआ था। उससे घर में आग लग गई थी। काफी सामान जल गया था, लेकिन तब परिवार के लोग बाल-बाल बच गए थे। मकान को क्षति नहीं हुई थी। कस्बे के मुहाली मोहल्ला निवासी अख्तर अली दो भाई हैं। उनके पिता असगर और भाई रिजवान कस्बे के दूसरे मोहल्ले हाथा में रहते हैं। करीब 10 साल पहले उनके हाथा मोहल्ला स्थित घर में धमाका हुआ था। इस हादसे के बाद अख्तर मुहाली मोहल्ले में मकान बनाकर रहने लगे थे। उन्होंने यहां आतिशबाजी की पूरी दुकान खोल ली थी। वह वैवाहिक कार्यक्रमों में आतिशबाजी का ठेका लेते हैं।
करीब 10 साल पहले भी अख्तर के घर में धमाका हुआ था। उससे घर में आग लग गई थी। काफी सामान जल गया था, लेकिन तब परिवार के लोग बाल-बाल बच गए थे। मकान को क्षति नहीं हुई थी। कस्बे के मुहाली मोहल्ला निवासी अख्तर अली दो भाई हैं। उनके पिता असगर और भाई रिजवान कस्बे के दूसरे मोहल्ले हाथा में रहते हैं। करीब 10 साल पहले उनके हाथा मोहल्ला स्थित घर में धमाका हुआ था। इस हादसे के बाद अख्तर मुहाली मोहल्ले में मकान बनाकर रहने लगे थे। उन्होंने यहां आतिशबाजी की पूरी दुकान खोल ली थी। वह वैवाहिक कार्यक्रमों में आतिशबाजी का ठेका लेते हैं।