बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र में रामगंगा की कटरी में जमीन पर कब्जे को लेकर हुई फायरिंग में मारे गए परमिंदर सिंह और देवेंद्र के शवों का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंत्येष्टि गांव गोविंदपुर में बने सरदार परमवीर सिंह के फार्म हाउस के सच की खोज एकेडमी परिसर में की गई। इस दौरान कई पुलिस अधिकारी व आठ थानों की फोर्स मौजूद रही। फार्म हाउस से लेकर एकेडमी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
बरेली कटरी कांड: फार्म हाउस पर किया गया दोनों शवों का अंतिम संस्कार, आठ थानों की फोर्स रही तैनात
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बदनामी और बवाल का था डर
परमवीर सिंह रात में ही दोनों शवों को पंजाब ले जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन को पड़ोसी जिले खीरी की तरह किसान आंदोलन जैसे बवाल का डर सता रहा था। साथ ही दो राज्यों से जुड़े मामले में बदनामी का भी डर था। ऐसे में अधिकारियों ने लंबी वार्ता के बाद परमवीर सिंह को इस बात के लिए तैयार कर लिया कि उनके फार्म हाउस के एक हिस्से में बनी सच की खोज एकेडमी परिसर में ही दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया जाए।
पहले शुक्रवार को होना ता अंतिम संस्कार
दरअसल देवेंद्र के परिवार में केवल उसके बीमार पिता ही हैं। इसलिए अभिभावक के तौर पर परमवीर सिंह ही हैं, जबकि परमिंदर के पिता दलजीत सिंह उसका शव लेने आए थे। जब शवों के यहीं अंतिम संस्कार करने पर सहमति बनी तो परमवीर सिंह ने परमिंदर के बाकी परिजनों को भी यहीं बुलाने के लिए कॉल कर दी। दोनों शव पोस्टमार्टम हाउस के डीप फ्रीजर में रखवा दिए गए। शनिवार को दोनों शवों का कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आठ थानों की पुलिस रही तैनात
सरदार परमवीर सिंह के फार्म हाउस व उनके पिता धर्म सिंह के स्वामित्व वाली सच की खोज एकेडमी में शुक्रवार को भी कई थानों की पुलिस तैनात रही। पूर्व में तैनात रहे सीओ व इंस्पेक्टर को भी यहां बुला लिया गया। शुक्रवार को अंतिम संस्कार के लिहाज से लकड़ी आदि पहुंची तो पुलिस और अलर्ट हो गई। शनिवार को अंतिम संस्कार के दौरान आठ थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।