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Road Accident: थके तन, टूटे मन... सुन नहीं सके मौत की आहट, पलक झपकी और सात जिंदगियां खत्म, शवों की हालत देख दहल गया हर शख्स का कलेजा

Wed, 01 Jun 2022 11:30 AM IST
शाहरुख खान दानिश सईद, अमर उजाला, बरेली
दानिश सईद, अमर उजाला, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 01 Jun 2022 11:30 AM IST
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Big Road Accident in bareilly driver woke up for two nights and drive an ambulance for five and a half hundred kilometers
हादसे में क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शंखा पुल के पास मंगलवार सुबह लगभग साढे़ छह बजे एम्बुलेंस चालक को झपकी आने से बड़ा हादसा हो गया। दिल्ली से पीलीभीत जा रही एम्बुलेंस आगे चल रहे मिनी ट्रक से भिड़ गई। इस हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाले एक ही परिवार के थे। इनमें चार पीलभीत व तीन बरेली के निवासी थे। मृतकों में तीन महिलाएं हैं। पुलिस ने क्रेन से एम्बुलेंस और मिनी ट्रक को अलग किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विट कर मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।


थके तन, टूटे मन... सुन नहीं सके मौत की आहट
एम्स दिल्ली के डॉक्टरों के इनकार से ब्लड कैंसर से जूझ रही समीरन की जिंदगी बचाने की आखिरी आस ही नहीं टूटी, मन भी टूट गया। रात भर जागने के साथ साढ़े पांच सौ किमी से ज्यादा लंबे सफर ने सभी के शरीर को भी तोड़ दिया था। हारे तन-मन लेकर लौट रहे लोगों में किसी को यह ख्याल नहीं आया कि एंबुलेंस ड्राइवर पर बुरी तरह हावी थकान उन सबकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है... और दुर्योग से हुआ भी यही।
Big Road Accident in bareilly driver woke up for two nights and drive an ambulance for five and a half hundred kilometers
हादसे में क्षतिग्रस्त एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी के शंखा पुल के पास मंगलवार सुबह सड़क हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों समेत सात लोगों की मौत के पीछे समीरन बेगम को बचाने की नाकाम जद्दोजहद सबसे बड़ी वजह साबित हुई। कई दिनों से ब्लड कैंसर पीड़ित समीरन को एम्स दिल्ली में भर्ती कराने की कोशिश की जा रही थी। 

 
Big Road Accident in bareilly driver woke up for two nights and drive an ambulance for five and a half hundred kilometers
बरेली में बड़ा हादसा - फोटो : एएनआई
एम्स से 31 मई की तारीख मिलने के बाद उनके पति खुर्शीद, बेटा आरिफ, ननद सगीर बानो, बहन नसरीन और भतीजा जफर 29 मई की रात को उन्हें एंबुलेंस से लेकर दिल्ली रवाना हुए थे। 30 मई की सुबह साढ़े 11 बजे वे लोग एम्स पहुंचे। एम्स में डॉक्टरों ने समीरन की हालत देखने के बाद भर्ती करने से इनकार कर दिया। बताया जाता है कि समीरन के परिवार के लोग डॉक्टरों के आगे काफी गिड़गिड़ाए, शाम तक रुककर समीरन को भर्ती कराने की कोशिश करते रहे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। 
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Big Road Accident in bareilly driver woke up for two nights and drive an ambulance for five and a half hundred kilometers
road accident - फोटो : अमर उजाला
आखिरकार मायूस होकर रात एक बजे घर बिलसंडा (पीलीभीत) लौटने के लिए रवाना हुए। एंबुलेंस ड्राइवर मेहंदी खां भी खुर्शीद के रिश्तेदार थे। रात भर जागने के कारण थके हुए थे। समीरन को भर्ती कराने के लिए खुर्शीद के साथ लगे रहने की वजह से दिन में भी नहीं सो पाए। इसके बावजूद रिश्तेदारी का मामला होने की वजह से ही एंबुलेंस लेकर पीलीभीत के लिए चल पड़े। 
 
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Big Road Accident in bareilly driver woke up for two nights and drive an ambulance for five and a half hundred kilometers
road accident - फोटो : अमर उजाला
अनुमान लगाया जा रहा है कि एंबुलेंस में थके-मांदे लोग पहले से नींद के आगोश में रहे होंगे, फतेहगंज पश्चिमी के शंखा पुल के पास ड्राइवर मेहंदी को भी झपकी आ गई। इसी बीच एंबुलेंस डिवाइडर को पार करते हुए बरेली से रामपुर की ओर जा रहे मिनी ट्रक से आमने-सामने टकरा गई। इस हादसे ने पलक झपकते ही एंबुलेंस में मौजूद सातों लोगों को मौत की नींद सुला दिया।

 
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