बरेली के कैंट स्थित गोरा कब्रिस्तान सिर्फ पत्थरों पर लिखे नाम और तारीखों का संग्रह नहीं, बल्कि करीब दो शताब्दियों के इतिहास को समेटे है। अंग्रेजी हुकूमत में भारत आए अफसर, सैनिक और उनके बच्चों की कब्रों के बीच आजाद भारत की सेना में शामिल रहे आयरिश मूल के ब्रिगेडियर डेसमेंड हेडे की भी कब्र है। उन्होंने 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त देकर ‘हीरो ऑफ डोगराई’ का तमगा हासिल किया था।
गोरा कब्रिस्तान: अंग्रेजों के मासूम बच्चों के बीच सोया ‘हीरो ऑफ डोगराई’, पाकिस्तानी सेना को दी थी शिकस्त
अजीत प्रताप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 15 Aug 2026 02:22 PM IST
सार
बरेली के कैंट स्थित गोरा कब्रिस्तान 200 साल से अधिक का इतिहास समेटे हैं। इस कब्रिस्तान में एक ऐसे सैनिक की कब्र है, जो जन्मा इंग्लैंड में था। लेकिन उसने भारत को अपना देश माना। पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में अपने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन