बरेली की डेलापीर फल मंडी में बृहस्पतिवार रात को आग से हुई तबाही का नजारा शुक्रवार सुबह देखने को मिला। वहां बिखरा मलबा अग्निकांड की भयावहता बयां कर रहा था। दुकानों के लिंटर चटक गए हैं। दीवारों में भी दरार आ गई है। जले हुए फल आढ़तियों के नुकसान की गवाही दे रहे थे। इन सबके बीच शुक्रवार को लखनऊ से मंडी परिषद के निदेशक अंजनी कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। फल मंडी की पड़ताल कर उन्होंने अधिकारियों को जल्द नुकसान का आकलन करने और उसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके बाद ही मुआवजा देने की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।
बरेली अग्निकांड: डेलापीर फल मंडी में मलबा बयां कर रहा तबाही का मंजर, दीवारों में आईं दरारें; तस्वीरें
निदेशक ने आढ़तियों से बात करके नुकसान और परेशानियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान व्यापारियों ने सुरक्षा, फायर सेफ्टी और पानी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। मंडी परिषद के अध्यक्ष आफताब ने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी ओवरहेड टैंक को दुरुस्त नहीं कराया गया। इस वजह से व्यापारियों का पांच करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो गया।
छह माह तक व्यापारियों को नहीं मिल पाएगी उनकी दुकान
आग से मंडी का भवन काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। सचिव संतोष यादव के मुताबिक मंडी परिषद के निर्माण विभाग के इंजीनियर व संयुक्त निदेशक महेंद्र कुमार ने बिल्डिंग का मुआयना किया है। जो दुकानें पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं हैं, उन्हें तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा। जो दुकानें आंशिक क्षतिग्रस्त हैं, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। तब तक मंडी परिषद की ओर से वहां बैठने के लिए मनाही की गई है। सचिव के मुताबिक दुकानों की मरम्मत में पांच से छह माह लगेंगे। तब तक व्यापारियों को सामने की ओर फड़ मुहैया कराए जाएंगे।
मोटर को कराया जाएगा ठीक
शुक्रवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने भी मंडी परिसर का निरीक्षण किया। मंडी परिषद के अधिकारियों और मंडी के अध्यक्ष आफताब से भी बातचीत की। अग्नि सुरक्षा से जुड़े संसाधनों को लेकर चर्चा हुई। सचिव संतोष यादव ने बताया कि जल्द ही ओवरहेड टैंक के मोटर को ठीक करा दिया जाएगा।
डेलापीर फल मंडी में शुक्रवार सुबह फिर धुआं उठा तो अग्निशमन की एक गाड़ी पूरे दिन खड़ी रही। अग्निकांड की वजह तलाशने को अग्निशमन टीम ने मौके पर जांच की। फल व्यापारी समिति व मंडी अधिकारियों से साक्ष्य मांगे हैं।