बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाजी और गोलीबारी में युवक रामगोपाल मिश्रा की मौत के बाद जारी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार की सुबह आक्रोशित भीड़ ने हरदी, साधुवापुर, भगवानपुर और राजी चौराहे पर आगजनी की। वहीं, एक धार्मिक स्थल भी ध्वस्त कर दिया। तोड़फोड़ व आगजनी की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश को बहराइच के लिए रवाना किया। बहराइच पहुंचने के बाद तत्काल अमिताभ यश प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। प्रशासन के अनुसार अब तक 30 उपद्रवी हिरासत में लिए जा चुके हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ने कहा कि शासन की चूक की वजह से ये घटना हुई। उधर, मृतक युवक रामगोपाल मिश्रा के परिजनों ने प्रशासन से दोषियों का उनके सामने एनकाउंटर करने की मांग की है। आइए जानते हैं कि कैसे विसर्जन यात्रा के दौरान विवाद शुरू हुआ? उससे जुड़े अब तक के अहम अपडटे्स
तस्वीरों में बहराइच कांड की पूरी कहानी: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा.. बवाल और एक मौत, फिर बेकाबू हुए हालात
पहले गाली-गलौज फिर पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महसी तहसील की प्रतिमा शांति पूर्वक विसर्जन के लिए जा रही थी। महराजगंज कस्बे में पहुंचने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने गाली गलौज शुरू कर दी। प्रतिमा के साथ चल रहे लोगों ने जब इसका विरोध किया तो छतों से पथराव शुरू कर दिया गया। इसके बाद विसर्जन रोक समिति सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान लोगों भीड़ मौके पर पहुंची और उपद्रव शुरू कर दिया।
पिटाई की, फिर पैरों के नाखून उखाड़े और मार दीं गोलियां
लोगों ने आरोप लगाया कि भगदड़ के दौरान दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घसीट कर घर में ले गए। वहां उसकी बर्बरता के साथ पिटाई करते हुए पैर के नाखून उखाड़ लिए और उसे गोलियां मार दीं। गंभीर रूप से घायल राजन सहित 12 लोगों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
भीड़ ने सधुवापुर, हरदी चौराहा, राजी चौराहे पर की आगजनी
सोमवार सुबह आक्रोशित भीड़ ने हरदी चौराहे पर विभिन्न दुकानों के बाहर लगी होर्डिंग में आग लगा दी। वही, राजी चौराहे पर टायर में आग लगा दी जिसे दमकल वाहनों ने बुझाया। यही नहीं भीड़ ने सधुवापुर चौराहे और भगवानपुर चौराहे पर भी उपद्रव किया और धाबली व छप्पर आदि को आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद पहुंची पुलिस और पीएसी के जवानों ने मोर्चा संभाला और लाठी फटकार कर प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ा।
काफी मान-मन्नौव्वल के बाद रामगोपाल का हुआ अंतिम संस्कार
पुलिस प्रशासन के काफी समझाने के बाद परिजन माने और शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एहतियात के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इसके पहले, महसी और महराजगंज के पूरे क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं होती रहीं। पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि परिवार के संपर्क में रहे और उन्हें शव के अंतिम संस्कार के लिए मना लिया। इस बीच प्रशासन ने पूरी सख्ती दिखाते हुए रोड को पूरी तरह से खाली कर दिया।