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UP: जिगरी दोस्ती को लगी नजर... चारों ने एक साथ जिंदगी को कहा अलविदा; चौकी से 200 मी. दूर खड़ी ट्रॉली ने ली जान
Mon, 14 Oct 2024 03:31 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Oct 2024 03:31 PM IST
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Aligarh Accident
- फोटो : अमर उजाला
लगता है जैसे विकास, सुनील, यश और रवि की बचपन की दोस्ती को किसी की नजर लग गई और सड़क हादसे में चारों ही जिगरी दोस्तों की मौत हो गई। बचपन से चारों दोस्त साथ रहते थे। कॉलेज जाने से लेकर दिन भर अधिकांश समय साथ ही बिताते थे। जीवन के अंतिम समय तक भी चारों ने साथ नहीं छोड़ा और एक साथ ही जिंदगी को अलविदा भी कर गए।
मृतक रवि का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों के अनुसार, चारों दोस्त विकास, सुनील, रवि व यश बिना बताए ही एक ही प्लेटिना बाइक लेकर अलीगढ़ निकले थे। पता चला है कि किसी दोस्त का जन्मदिन था। जिसके लिए चारों पहले अलीगढ़ पहुंचे। जहां से वे नुमाइश मैदान में लगे रावण दहन मेले को देखने चले गए। फिर वहां से दोस्त के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने चले गए।
देर रात चारों एक ही बाइक पर सवार होकर वापस डिबाई जा रहे थे। तभी क्वार्सी -अनूपशहर रोड पर छरेत सीडीएफ के पास पहले से ही खराब खड़े सीमेंट से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉला में पीछे से तेज रफ्तार बाइक जा घुसी। हादसे में चारों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने एक-एक कर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर दम तोड़ दिया।
देर रात चारों एक ही बाइक पर सवार होकर वापस डिबाई जा रहे थे। तभी क्वार्सी -अनूपशहर रोड पर छरेत सीडीएफ के पास पहले से ही खराब खड़े सीमेंट से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉला में पीछे से तेज रफ्तार बाइक जा घुसी। हादसे में चारों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्होंने एक-एक कर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर दम तोड़ दिया।
मृतक सुनील का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इन चारों के बचपन की दोस्ती पर किसी की नजर लग गई और सभी एक साथ यह दुनिया छोड़कर चले गए। चारों की पहली कक्षा में हुई दोस्ती 12वीं की पढ़ाई के बाद भी चल रही थी। दिन में भले ही अलग- अलग काम करते थे, लेकिन शाम को साथ में ही घूमते थे।
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मृतक विकास का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस चौकी से 200 मीटर दूर खड़ी थी काली पॉलिथीन से ढकी ट्रैक्टर ट्राली
अलीगढ़-मुरादाबाद हाईवे पर जिस ट्रैक्टर ट्रॉली से चारों दोस्तों की बाइक भिड़ी वह काली पॉलिथीन से ढकी थी। रात करीब दो बजे अंधेरे में बाइक चालक को खड़ी ट्राली नजर ही नहीं आई और पीछे से टकरा गई। एक तो रात का समय था दूसरे ट्राली पर काली पॉलिथीन पड़ी थी। यही वजह है कि बाइक चला रहे युवक को ट्राली दिखी नहीं। बताते हैं कि खराब ट्राली के आसपास ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया था, जिससे यह पता चले कि हाईवे पर खराब ट्राली खड़ी है। जबकि यह खराब ट्रैक्टर ट्राली सीडीएफ पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर थी।
अलीगढ़-मुरादाबाद हाईवे पर जिस ट्रैक्टर ट्रॉली से चारों दोस्तों की बाइक भिड़ी वह काली पॉलिथीन से ढकी थी। रात करीब दो बजे अंधेरे में बाइक चालक को खड़ी ट्राली नजर ही नहीं आई और पीछे से टकरा गई। एक तो रात का समय था दूसरे ट्राली पर काली पॉलिथीन पड़ी थी। यही वजह है कि बाइक चला रहे युवक को ट्राली दिखी नहीं। बताते हैं कि खराब ट्राली के आसपास ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया था, जिससे यह पता चले कि हाईवे पर खराब ट्राली खड़ी है। जबकि यह खराब ट्रैक्टर ट्राली सीडीएफ पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर थी।
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मृतक यश का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ट्रॉली में सीमेंट की बोरियां लदी थीं। हादसे के बाद चौकी की पुलिस को ट्रैक्टर ट्राली के खराब होने की जानकारी हुई। हालांकि, चौकी इंचार्ज हरेंद्र ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे ट्रैक्टर ट्राली खराब हुई थी। यदि पुलिस को डेढ़ बजे ट्रैक्टर ट्राली खराब होने की जानकारी थी तो उसे हटवाया क्यों नहीं गया या वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए।