फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Varanasi: मैग्सेसे अवार्डी संदीप पांडेय निकाल रहे थे आजमगढ़ तक पदयात्रा, हिरासत में लिए गए, जानें क्यों

Sat, 24 Dec 2022 03:01 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 24 Dec 2022 03:01 PM IST
विज्ञापन
Magsaysay awardee Sandeep Pandey detained in varanasi before kisan padyatra till Azamgarh
पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में साथियों के साथ संदीप पांडेय - फोटो : अमर उजाला

सामाजिक कार्यकर्ता मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडेय और उनके साथियों को शनिवार सुबह वाराणसी कैंट स्टेशन पर पुलिस ने हिरासत में लिया। वो आजमगढ़ जिले में मंदुरी हवाई अड्डा विस्तारीकरण के विरोध में कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहे से निकाली जाने वाली किसान पद यात्रा को नेतृत्व करने वाले थे। पुलिस ने पदयात्रा की अनुमति न होने, धारा-144 लागू होने और कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देकर डॉ. संदीप और उनके साथियों को वाराणसी में रोका। कई घंटे तक पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में रखे जाने के बाद संदीप पांडेय को लेकर पुलिस लखनऊ के लिए रवाना हो गई।



डॉ. संदीप पांडेय ने कहा कि आजमगढ़ में मंदुरी हवाई अड्डा विस्तारीकरण के विरोध में बीते 73 दिन से आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन में मेधा पाटकर और राकेश टिकैत लोग भी शामिल हो चुके हैं। आज पता नहीं पुलिस ने हमें क्यों रोक लिया। बताया गया है कि लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था बिगड़ जाएगी।

Magsaysay awardee Sandeep Pandey detained in varanasi before kisan padyatra till Azamgarh
संदीप पांडेय को लखनऊ लेकर गई पुलिस - फोटो : अमर उजाला

संदीप पांडेय ने कहा कि अब हमलोग किसान पदयात्रा कार्यक्रम को स्थगित कर रहे हैं। अब 26 दिसंबर को आंदोलन के 75 दिन पूरे होंगे तो आजमगढ़ में बड़ा आंदोलन होगा। अब हमलोग उसमें शामिल होंगे। 

Magsaysay awardee Sandeep Pandey detained in varanasi before kisan padyatra till Azamgarh
संदीप पांडेय को लखनऊ लेकर गई पुलिस - फोटो : अमर उजाला

मंदुरी हवाई अड्डा विस्तारीकरण के विरोध के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि लखनऊ में एयरपोर्ट मात्र 80 एकड़ में है जबकि आजमगढ़ में सरकार 670 एकड़ जमीन अधिग्रहित करना चाह रही है। यह बात वहां के किसानों के समझ में नहीं आ रही है। सभी के दिमाग में यही बात है कि यहां की जमीन लेकर अदाणी को देने की तैयारी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Magsaysay awardee Sandeep Pandey detained in varanasi before kisan padyatra till Azamgarh
संदीप पांडेय को लखनऊ लेकर गई पुलिस - फोटो : अमर उजाला

अधिग्रहित जमीन के लिए मुआवजा देने की बात पर उन्होंने कहा कि कृषि योग्य भूमि का कोई विकल्प नहीं है। सारा व्यवसाय बंद हो सकता है। कोरोना में ऐसा हमलोग देख चुके हैं। लेकिन खेती हमेशा चलती रहती है। खेती के लिए ऊपजाऊ जमीन पर एयरपोर्ट बनाने की योजना लोगों की समझ से परे है। 

विज्ञापन
Magsaysay awardee Sandeep Pandey detained in varanasi before kisan padyatra till Azamgarh
पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में साथियों के साथ संदीप पांडेय - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की ये लड़ाई मुआवजे के लिए नहीं बल्कि अपनी जमीन बचाने के लिए है। मैग्सेसे अवार्डी संदीप पांडेय पहले भी इस मुद्दे के समर्थन में आजमगढ़ जा चुके हैं। आजमगढ़ के खिरिया बाग में बीते 73 दिन से किसान आंदोलन कर रहे हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed