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मुनाफा तो दूर... लागत भी नहीं दे रहा टमाटर: सड़क पर फेंकने को मजबूर किसान, अमरोहा की हैरान करने वाली तस्वीरें

Tue, 10 Jun 2025 07:29 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 10 Jun 2025 07:29 PM IST
सार

मुरादाबाद मंडल में टमाटर की बंपर पैदावार और बाजार  में कम मांग होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं मिल पा रही है। इससे वह टमाटर को सड़क पर फेंकने पर मजबूर हैं।

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Forget about profit... tomatoes are not even covering the cost, farmers forced to throw them on the road
टमाटर किसानों को हो रहा नुकसान - फोटो : संवाद

टमाटर की खेती कभी किसानों को मालामाल, तो कभी उन्हें कर्जे में दबा देते हैं। इस बार भी टमाटर के गिरते भाव ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मुनाफा तो दूर, उन्हें लागत भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान टमाटर को सड़क व खेतों में ही फेंकने को मजबूर हैं। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से भी टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है।

Forget about profit... tomatoes are not even covering the cost, farmers forced to throw them on the road
टमाटर किसानों को हो रहा नुकसान - फोटो : संवाद

मंडी में थोक में टमाटर छह से आठ रुपये किलो की दर से ही बिक रहा है। जिले में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। धनौरा क्षेत्र में 24 से भी ज्यादा गांवों में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है। इनमें इंदरपुर, नसीरपुर, मोहनपुर, शाहबाजपुर, मंढैया, धनौरी खुर्द, कैसरा, लालापुरी, खाबड़ी, मोहम्मदपुर पटटी, मिट्ठनपुर, चुचैला, दिसौरा, डींगरा, बिहापुरी, मलकपुर, कमालपुर काजी, मुसल्लेपुर आदि गांव शामिल हैं। टमाटर की खेती करने के लिए किसान को काफी मशक्कत करनी पड़ती हैं।

Forget about profit... tomatoes are not even covering the cost, farmers forced to throw them on the road
टमाटर किसानों को हो रहा नुकसान - फोटो : संवाद

किसानों को इस बार टमाटर की खेती से अच्छा मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन बंपर पैदावार और बाहर की डिमांड न होने से टमाटर के रेट औंधे मुंह गिर गए। वहीं, टमाटर की सप्लाई जिले के बाहर व अन्य प्रदेशों में भी न होने से किसानों को ठीक दाम नहीं मिल पा रहे है। अप्रैल माह में टमाटर के रेट थोक में चार से छह रुपये किलो तक थे। टमाटर उत्पादकों और आढ़तियों का मानना था कि जब टमाटर की आपूर्ति दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को होगी तो किसानों को टमाटर के अच्छे भाव मिलेंगे।

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टमाटर किसानों को हो रहा नुकसान - फोटो : संवाद

बीते 20 दिन से टमाटर बाहर जाना शुरू हुआ है। लेकिन रेट में कोई विशेष फर्क नहीं पड़ा। बाहर से आने वाले व्यापारी किसानों के खेत से ही टमाटर खरीद रहे हैं। बढि़या क्वालिटी का टमाटर आठ रुपये किलोग्राम बिक रहा है। व्यापारियों द्वारा रिजेक्ट किया गया टमाटर मंडी में छह रुपये किलो में बिक रहा है।

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टमाटर किसानों को हो रहा नुकसान - फोटो : संवाद

प्रति किलो पांच रुपये आती है लागत : महीपाल
गांव मोहनपुर निवासी टमाटर उत्पादक महीपाल सिंह का कहना है कि टमाटर की उत्पादन लागत ही पांच रुपये प्रति किलो है। ऐसे में किसान की मेहनत का कोई प्रतिफल नहीं मिलता है। इस बार किसान टमाटर की खेती कर पछता रहे हैं। मंडी में टमाटर लेकर पहुंचते है तो दाम भी कम मिलने पर परेशानी होती है। कई बार गर्मी में टमाटर खराब भी हो जाते है।

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