कोविड प्रोटोकॉल के बीच सोमवार को वर्चुअल योग शिविरों से जुड़कर हजारों लोगों ने घर बैठे योगाभ्यास किया। सामूहिकता वाले योग शिविर नहीं लगाए जा सके। इस दौरान योग गुरुओं ने ऑनलाइन कोरोना वायरस जैसे घातक संक्रमण से बचने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योगासन, प्राणायाम की क्रियाएं बताईं। फेसबुक लाइव के साथ ही यूट्यूब पर भी योग शिविरों से बड़ी तादाद में लोग जुड़े रहे। हालांकि कुछ पार्कों और छतों पर लोगों ने दूरी बनाकर योग किया।
योग दिवस : योग के बल पर जीत की जंग, घर-घर आसन-प्राणायाम
- संगमनगरी में सैकड़ों जगहों लगे वर्चुअल योग शिविर, प्रशिक्षकों ने सिखाई इम्युनिटी बढ़ाने की तरकीब,पार्कों और छतों पर भी योग
पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास प्रयागराज के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत नंद गार्डेन में वर्चुअल योग शिविर लगाया गया। न्यायमूर्ति भगवान सिंह ने दीप जलाकर इस शिविर का शुभारंभ किया। इसके बाद ऊं उच्चारण और प्रार्थना मंत्रों के साथ योगाभ्यास शुरू हुआ। इसमें ग्रीवा संचालन, स्कंध, कटि, घुटना, ताड़ासन, वृक्षासन, पाद हस्तासन, अर्धसक्र आसन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, शशांक आसन, मंडूकासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतु बंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, अनुलोम विलोम, शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, ध्यान, संकल्प और शांति पाठ कराया गया।
इस शिविर से शहर और ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में लोग जुड़े रहे। ऐसे 40 प्रशिक्षण केंद्रों से वर्चुअल शिविर लगाए गए। योग प्रशिक्षक अनूप सचान, कमलेश कुमार ने योगाभ्यास कराया। संयोजन शिव कुमार केसरवानी,श्याम सुंदर सिंह पटेल ने किया। अध्यक्षता वीरेंद्र सिंह ने की। आजाद पार्क में एनसीजेडसीसी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संयुक्त तत्वावधान में लगे योग शिविर को आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव को समर्पित किया गया। योग प्रशिक्षिका डॉ दीप्ति योगेश्वर ने योगाभ्यास कराया। विवेक रंजन सिंह द्वारा किया गया।इस शिविर से 75 पुरातात्विक स्थलों से लोग जुड़े रहे। संचालन विवेक रंजन ने किया।
जीवन ज्योति अस्पताल में बताया योग का महत्व
जीवन ज्योति सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में सोमवार को योग दिवस पर लोगों को बताया गया कि योग और प्रणायाम स्वस्थ रहने का सार्थक मंत्र है। निदेशक डॉ. वंदना बंसल ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में दवाओं से ज्यादा योग ने लोगों को राहत दी। विशेषज्ञों ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए दैनिक योग क्रियाओं के बारे में जानकारी दी। लैप्रोस्कोपिक बेरियाट्रिक सर्जन डॉ. अर्पित बंसल ने कहा कि योगाभ्यास करने वाले शरीर ही नहीं मन और मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखा जा सकता है। कोरोना काल में योग की उपयोगिता प्रमाणिकता साबित हो चुकी है। वरिष्ठ परामर्शदाता विशेषज्ञ डॉ. आलोक खरे, डॉ. अजय गोपाल, डॉ. विशाल श्रीवास्तव, डॉ. अंजुला सहाय ने भी योग के महत्व के बारे में जानकारी दी।लोक सेवा आयोग में सृजन जन सेवा समिति की ओर से योगाभ्यास
लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. सबिता अग्रवाल की अगुवाई में सोमवार को आयोग परिसर में सातवें योग दिवस पर प्रणायाम की महत्ता बताई गई। सृजन जन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित योग दिवस के मौके पर डॉ. बीबी अग्रवाल ने योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में योगाभ्यास किया। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से वृहद आयोजन नहीं किया जा सका पर निरंतरता बनाए रखने के लिए कोविड प्रोटोकॉल के तहत सिर्फ अभ्यास कराया गया। इस मौेके पर बताया गया कि दवाओं से बेहतर योग का नियमित अभ्यास निरोगी बनाता है। इस मौके पर एकत्र लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर इस प्राचीन विद्या को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।वहीं शिवकुटी की महावीर पुरी कॉलोनी में पार्षद कमलेश तिवारी के साथ स्थानीय लोगों ने योगाभ्यास किया। पूर्व डिप्टी एसपी राजमणि मिश्र के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में योग के महत्व को बताया गया। वहीं झूंसी में विश्व आयुर्वेद मिशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आयुर्वेदाचार्य डॉ. जीएस तोमर ने योगाभ्यास कर लोगों को बताया कि कोरोना काल में योग की प्रमाणिकता सामने आई है। निरोगी काया के लिए योग उपयोगी है।