गंगा समग्र द्वारा सिर्फ गंगा के निर्मलीकरण के अलावा उसकी सहायक नदियों के जल को भी आचमन योग्य बनाया जाएगा। इसके लिए समग्र के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर जुटेंगे। रविवार को राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सह सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में गंगा समग्र से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वह अगले पांच वर्ष में गंगा की सहायक नदियों के जल को भी आचमन योग्य बना देंगे।
अगले पांच वर्षों में गंगा की सभी सहायक नदियों के जल को आचमन योग्य बनाने का संकल्प
- गंगा समग्र की राष्ट्रीय बैठक में सह सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में लिया गया संकल्प
प्रयागराज के झूंसी स्थित गंगा धाम में चल रही गंगा समग्र की राष्ट्रीय बैठक में डा. कृष्ण गोपाल ने कहा कि गंगा हमारे लिए जीवन संस्कृति हैं। इस पर हमारी आस्था और श्रद्धा सदियों से है। अगर गंगा पर संकट होगा तो हम पर भी संकट आएगा। अगर हम सब सजग हो और मां गंगा की निर्मलता के लिए आम जन मानस का भी साथ लें तो निश्चित ही सफलता हमारें कदम चूमेंगी। गंगा की सहायक नदियों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कहा कि यह कार्य किसी संगठन या सरकार के बल पर करना संभव नहीं है।
समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। गंगा समग्र के कार्यों को लेकर उन्होंने कहा कि हमारा यह आंदोलन नदियों की निर्मलता तक नहीं सीमित है। हम सब पर्यावरण, जल संरक्षण, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए भी संकल्पित हैं। हम सब को गंगाजीवियों के जीवन स्तर को भी सुधारना होगा। इससे पूर्व राष्ट्रीय बैठक की शुरुआत मां भारती व मां गंगा के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इस दौरान द्वितीय सत्र में विभिन्न प्रांतों से आए पदाधिकारियों ने संगठन के अलग- अलग आयामों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
तीसरे सत्र में गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कार्य संचालन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। बैठक के समापन सत्र में बताया कि वार्षिक प्रशिक्षण व अधिवेशन भी करवाया जाएगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र ने कहा कि गंगा के किनारे के गांवों में हरियाली लाने व पालीथिन जैसे कचरे को दूर रखने की भी रणनीति बनानी होगी। इस अवसर पर क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ललित कपूर, डा. नंदिता पाठक आदि मौजूद रहे।
विधि विधान से किया मां गंगा का पूजन एवं आरती
झूंसी स्थित गंगा धाम में गंगा समग्र की राष्ट्रीय बैठक के बाद गंगा दशहरा के मौके पर वहां षोडशोपचार विधि से मंत्रों के बीच मां गंगा का पूजन व आरती हुई। गंगा पूजन में संघ के सह सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल भी शामिल हुए। उनके साथ डा. वीरेंद्र जायसवाल, केंद्रीय मार्गदर्शक रामाशीष, प्रांत संगठन मंत्री अंबरीश भी शामिल हुए। आरती के बाद बिहार और झारखंड क्षेत्र प्रमुख रमाशंकर सिन्हा, दक्षिण बिहार प्रांत संयोजक शंभू नाथ पांडेय ने कहा कि मां गंगा से आशीष लेकर अब हम अपने प्रांत लौट रहे हैं।अब वहां गंगा के निर्मलीकरण का कार्य होगा। इस अवसर पर क्षेत्र संयोजक चिंतामणि सिंह, प्रांत संयोजक राकेश, प्रांत प्रचार प्रमुख डा. मुरारजी त्रिपाठी, धर्म जागरण प्रमुख संजय, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य भोलेंद्र आदि मौजूद रहे। उधर गंगा समग्र की बैठक में बिहार विधान परिषद सदस्य तथा गंगा समग्र के उत्तर बिहार प्रांत संयोजक सर्वेश कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जो योजना यहां बनाई गई है, उसके अनुसार अपने प्रांत व गांव में कार्य करेंगे। लोगों को साथ लाने के लिए जन जागरूकता बहुत जरूरी है।